Lakhimpur Kheri News: घर में छिपा था सागौन का खजाना, वन विभाग ने मारा छापा, लाखों की लकड़ी बरामद

निघासन। मझगईं वन रेंज क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई के तहत वन विभाग की टीम ने डीएफओ नॉर्थ के निर्देश पर महेंद्र नगर गांव में एक मकान पर छापा मारा। इस दौरान वहां चोरी-छिपे काटकर अवैध रूप से डंप की गई कीमती सागौन की लकड़ी बरामद हुई, जिसकी कीमत लाखों में आंकी जा रही है।

जांच के दौरान वन विभाग को एक खेत से 182 सागौन की मुंड्ढियां और सरयू नदी किनारे से 50 से अधिक उखड़ी हुई जड़ें मिलीं, जिससे अवैध कटान की पुष्टि हुई है। इस कार्रवाई से विभागीय अफसरों में हड़कंप मच गया है।

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महेंद्र नगर की निवासी लखविंदर कौर ने डीएफओ नॉर्थ, थाना मझगईं और सीओ कार्यालय में शिकायत दी थी कि विपक्षी जीत सिंह, रंजीत सिंह और राजू से उसका भूमि विवाद चल रहा है, जो न्यायालय में विचाराधीन है। आरोप है कि उक्त लोगों ने सिंगाही के ठेकेदार इकबाल को खेत के सागौन पेड़ बेच दिए, जिसने बिना परमिट पेड़ काटकर लकड़ी विपक्षी के घर में डंप कर दी।

लखविंदर का आरोप है कि विरोध करने पर ठेकेदार उन्हें धमकाता है और दावा करता है कि वह अधिकारियों को पैसे देता है। शिकायत मिलने पर वन विभाग की टीम ने मंगलवार शाम को गांव में छापा मारा। ठेकेदार इकबाल को पूछताछ के लिए खैरीगढ़ स्थित वन विभाग की चौकी लाया गया, जहां वह कर्मचारियों के साथ बैठा पाया गया।

मीडिया के पहुंचने पर वन दरोगा नागेंद्र कुमार जायसवाल ने संवाद से बचते हुए टीम को रवाना कर दिया और कहा कि ज्यादा बातचीत न की जाए। गौरतलब है कि टीम ने अभी तक लकड़ी को कब्जे में नहीं लिया है और जांच अधूरी है। सूत्रों के अनुसार टीम अब तक यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि कितने पेड़ों का वैध परमिट था और बरामद लकड़ी की कुल संख्या क्या है। मझगईं रेंजर अंकित सिंह ने बताया कि जांच जारी है, उसके बाद ही विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इस पूरे मामले ने वन विभाग की कार्यशैली और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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