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फतेहपुर कलेक्ट्रेट में महिला ने किया आत्मदाह का प्रयास, होमगार्ड जवानों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
फतेहपुर। कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक महिला ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अपने ऊपर डीजल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। मौके पर ड्यूटी कर रहे होमगार्ड जवानों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और महिला को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद महिला की शिकायत सुनी गई।
संपत्ति विवाद से परेशान थी महिला
खागा तहसील क्षेत्र के हसनपुर अकोढ़िहा गांव निवासी लीलावती पत्नी शिवचरण ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी शादी 24 वर्ष पहले हुई थी। विवाह के दो वर्ष बाद वह अपने पति के साथ मायके के गांव लोधी का पुरवा में रहने लगी थीं।
महिला के अनुसार, उनके पांच भाइयों में सबसे छोटे भाई प्रमोद कुमार अविवाहित थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके इलाज पर उन्होंने लगभग छह लाख रुपये खर्च किए। लीलावती का दावा है कि मृत्यु से पहले प्रमोद कुमार ने स्टाम्प पेपर पर लिखित रूप से अपनी हिस्सेदारी उन्हें सौंप दी थी।
उन्होंने बताया कि वह अपने परिवार के साथ करीब 20 वर्षों तक उसी मकान में रहीं। आरोप है कि 13 नवंबर 2024 को जब वह परिवार सहित एक कार्यक्रम में गई थीं, तब उनके तीन भाइयों ने घर का ताला तोड़कर कब्जा कर लिया। वापस लौटने पर उन्हें घर में प्रवेश नहीं करने दिया गया।
न्याय न मिलने से उठाया कदम
लीलावती का कहना है कि उनकी तीन बेटियां विवाह योग्य हैं और पति मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। मकान पर कब्जा होने के बाद वह दूसरे स्थान पर झोपड़ी बनाकर रहने को मजबूर हैं।
महिला ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से वह न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसी निराशा और हताशा में उन्होंने आत्मदाह जैसा कदम उठाने की कोशिश की।
फिलहाल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और महिला को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।
