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बलिया: स्कूल की छत पर हाईटेंशन तार की चपेट में आने से कक्षा चार के छात्र की मौत, ग्रामीणों का हंगामा
गड़वार (बलिया)। शिक्षा क्षेत्र गड़वार के कनैला स्थित प्राथमिक विद्यालय नवीन पोखरा में सोमवार सुबह हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आने से कक्षा चार के 12 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। घटना विद्यालय की छत पर हुई। छात्र की मौत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल परिसर में पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने मुआवजे तथा जिम्मेदार शिक्षक और बिजली विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
लौकी तोड़ने के लिए छत पर गया था छात्र
मृतक की पहचान विशुकिया निवासी मो. इजहार अहमद के पुत्र अरशद अहमद के रूप में हुई है। वह चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था और प्राथमिक विद्यालय नवीन पोखरा में कक्षा चार का छात्र था।
आरोप है कि सोमवार को अरशद विद्यालय पहुंचा तो शिक्षकों ने उसे छत पर चढ़कर लौकी तोड़ने के लिए कहा। छात्र लौकी तोड़ने के लिए छत पर पहुंचा, तभी वहां से गुजर रहे हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया। करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद विद्यालय में अफरा-तफरी मच गई। छात्र की मौत की सूचना फैलते ही ग्रामीणों की भीड़ स्कूल परिसर में जुट गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग की।
मौके पर पहुंचे अधिकारी, कार्रवाई का आश्वासन
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम सदर, एसडीओ हाइड्रिल और बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मृतक के परिजनों की बात सुनी और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
क्षेत्राधिकारी नगर सतीश कुमार शर्मा ने बताया कि गड़वार क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नवीन पोखरा में कक्षा चार के छात्र की हाईटेंशन तार की चपेट में आने से मृत्यु हुई है। परिजनों की तहरीर के आधार पर संबंधित लोगों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने विद्यालय परिसर में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल की छत के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजर रहा था, इसके बावजूद बच्चों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि विद्यालय की छत पर लौकी की खेती क्यों की गई थी और हाईटेंशन तार की मौजूदगी के बावजूद छात्र को लौकी तोड़ने के लिए छत पर क्यों भेजा गया? घटना के बाद ग्रामीणों ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
