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अदाणी यूनिवर्सिटी के तीसरे दीक्षांत समारोह में 374 विद्यार्थियों को मिली डिग्री, 10 मेधावियों को पदक से नवाजा गया
अहमदाबाद, 2026। अदाणी यूनिवर्सिटी का तीसरा दीक्षांत समारोह शनिवार को अहमदाबाद में आयोजित किया गया। समारोह में वर्ष 2026 के बैच के 374 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए 10 विद्यार्थियों को पदक से सम्मानित किया गया, जिनमें पांच स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं।
नवाचार और अनुसंधान से भारत को मिलेगी नई दिशा: प्रीति अदाणी
मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए डॉ. प्रीति अदाणी ने गणित, अनुसंधान और अकादमिक नेतृत्व के क्षेत्र में प्रो. रंगराजन के योगदान को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि उनका अनुभव और मार्गदर्शन अदाणी यूनिवर्सिटी को अग्रणी अनुसंधान आधारित संस्थान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
भारत की विकास यात्रा में नवाचार और अनुसंधान की भूमिका पर जोर देते हुए डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा, “भारत ने उल्लेखनीय पैमाने पर बुनियादी ढांचे का निर्माण किया है। अब हमें उसी बड़े पैमाने पर नवाचार करने और नए विचारों को विकसित करने की क्षमता पैदा करनी होगी।”
उन्होंने उद्योग और शिक्षा जगत के बीच मजबूत साझेदारी की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, इस साझेदारी का उद्देश्य केवल उद्योग की जरूरतों के मुताबिक विश्वविद्यालयों में पढ़ाई तय करना नहीं होना चाहिए, बल्कि वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के अनुभव से ऐसे नए सवाल और समाधान विकसित करना होना चाहिए, जिन पर उद्योग और शिक्षा जगत ने अलग-अलग रहते हुए विचार नहीं किया हो।
डॉ. अदाणी ने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान, कौशल और नवाचार का उपयोग ऐसी तकनीक और समाधान विकसित करने में करने की अपील की, जिनका लाभ समाज के सबसे वंचित वर्गों तक पहुंच सके।
एआई से वैज्ञानिक अनुसंधान को मिलेंगे नए अवसर
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रो. गोविंदन रंगराजन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते प्रभाव, संभावनाओं और चुनौतियों पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि एआई शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान में नए अवसर पैदा कर रही है। यह जटिल समस्याओं के समाधान और वैज्ञानिक खोजों की गति बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
हालांकि, उन्होंने एआई के बढ़ते इस्तेमाल के साथ सच, भरोसे और मानवीय रिश्तों से जुड़े गंभीर सवालों पर भी ध्यान दिलाया।
प्रो. रंगराजन ने कहा, “जब तस्वीरें, वीडियो और सूचनाएं इतनी वास्तविक लगने वाली बनाई जा सकती हैं, तो हम कैसे पहचानेंगे कि सच क्या है? तकनीक हमें डिजिटल रूप से करीब ला रही है, लेकिन क्या हम मानवीय स्तर पर एक-दूसरे से दूर होते जा रहे हैं? हमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता की क्षमताओं को अपनाना चाहिए, लेकिन यह भी गंभीरता से सोचना होगा कि इस प्रक्रिया में हम क्या खो सकते हैं।”
वार्षिक रिपोर्ट में शैक्षणिक और अनुसंधान उपलब्धियों का उल्लेख
समारोह के दौरान यूनिवर्सिटी की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कुलाधिसचिव प्रो. (डॉ.) धवल पुजारा ने संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुसंधान गतिविधियों और उद्योग जगत के साथ बढ़ते सहयोग की जानकारी दी।
उन्होंने शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और औद्योगिक साझेदारों के योगदान की सराहना की। उन्होंने बताया कि अदाणी यूनिवर्सिटी शैक्षणिक आधार मजबूत करने, अनुसंधान के लिए अनुकूल वातावरण विकसित करने और उद्योग तथा समाज के साथ सहयोग बढ़ाने की दिशा में निरंतर काम कर रही है।
यूनिवर्सिटी का लक्ष्य एक बहुविषयक शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के रूप में विकसित होना है, जो भारत के विकास और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सके।
2022 में हुई थी अदाणी यूनिवर्सिटी की स्थापना
वर्ष 2022 में स्थापित अदाणी यूनिवर्सिटी उद्योग की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा, व्यावहारिक प्रशिक्षण, नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा दे रही है। संस्थान में वर्तमान में 1,800 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
