बलिया में आस्था का सैलाब : कलश सिर पर, जुबां पर जयकारा... धूमधाम से निकली महायज्ञ की शोभायात्रा

बलिया : आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम गुरुवार को देखने को मिला, जब शहर के मिश्रनेवरी, काशीपुर स्थित नवनिर्मित काली मंदिर परिसर से श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ एवं श्री शतचंडी महायज्ञ के लिए भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस नौ दिवसीय अनुष्ठान की शुरुआत कलश यात्रा के साथ हुई, जिसमें हजारों श्रद्धालु उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

सुबह सात बजे हर-हर महादेव और जय माता दी के गगनभेदी नारों के बीच श्रद्धालु कलश सिर पर रखकर मंदिर परिसर से यात्रा पर निकले। यात्रा का मार्ग मिश्रनेवरी, जमुआ, भृगु मंदिर परिसर होते हुए सतनी सराय व कदम चौराहा से होकर पुनः यज्ञ स्थल तक पहुंचा। भृगु मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश में जल भरा गया।

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यात्रा के दौरान श्रद्धालु भक्ति संगीत और भजनों पर झूमते नजर आए। तेज धूप और उमसभरी गर्मी भी श्रद्धालुओं की आस्था के आगे फीकी पड़ गई। करीब 5 किलोमीटर लंबी यात्रा में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए। उनके लिए मार्ग में पेयजल व्यवस्था की गई थी।

यज्ञ स्थल पर वैदिक विधि से कलश स्थापना, पंचांग पूजन, और मंडप प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की गई। महायज्ञ के संरक्षक कविलाश गिरी महाराज ने बताया कि यह महायज्ञ भगवान शिव और मां देवी की आराधना का विशेष अनुष्ठान है, जो समाज कल्याण और सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है।

सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन और यज्ञ समिति के सदस्य पूरी यात्रा में सक्रिय रूप से मौजूद रहे। आयोजन में शिव नारायण मिश्र, लक्ष्मी नारायण मिश्र, कामेश्वर मिश्र, दयानंद उपाध्याय, योगेंद्र मिश्र, अजय कुमार मिश्र, विवेक तिवारी, सभासद प्रतिनिधि पप्पू खरवार, बड़क मिश्र, मनोज चौबे, अजीत वर्मा समेत कई गणमान्य लोग शामिल रहे।

भक्ति और श्रद्धा से ओतप्रोत इस शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को धार्मिक उल्लास और पावन ऊर्जा से सराबोर कर दिया।

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