स्टेशन मास्टर की नौकरी छोड़ प्राइमरी का मास्टर बने बलिया के शंकर को मिलेगा राज्य शिक्षक पुरस्कार, जानिए इनकी खासियत

Ballia News: राज्य शिक्षक पुरस्कार 2022 से सम्मानित होने वाले शिक्षकों की सूची जारी होते ही शिक्षकों में खुशी छा गई। प्रदेश सरकार की ओर से जारी सूची में बलिया जिले से भी एक नाम शामिल है। वह नाम है शंकर रावत। गड़वार ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय शेरवांकलां में बतौर सहायक अध्यापक शंकर रावत को यह पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य के लिए मिलने जा रहा है। पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षक शंकर रावत इससे पहले भी अपनी नवाचारी सोच और कार्य के बदौलत अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हो चुके है। 

सिकन्दरपुर नगर पंचायत के बढ्ढा मोहल्ला निवासी शंकर रावत रेलवे में सहायक स्टेशन मास्टर थे। लेकिन शिक्षक बनना इनका जुनून था, लिहाजा अपनी प्रतिभा के बल पर स्टेशन मास्टर की नौकरी छोड़ प्राइमरी का मास्टर बन गए। शुरुआती दिनों में इन्हें तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ा। बावजूद अपनी ईमानदार सोच, नवाचारी कार्य और कर्तव्यनिष्ठा के बदौलत इन्होंने खुद को न सिर्फ साबित किया, बल्कि 'सृजनधर्मी शिक्षक' के रूप में पहचाने जाने लगे। 

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निराला अंदाज और प्रजेंटेशन के दम पर किसी नीरस विषयवस्तु को कैसे सरस व सरल बनाया जाता है? इसमें शंकर रावत को महारत हासिल है। छात्र ही नहीं, अभिभावक भी इनकी प्रतिभा के मुरीद है। 76वें स्वतंत्रता दिवस पर इन्होंने अपनी कार्यशैली और व्यवहार कुशलता के बदौलत अभिभावकों के सहयोग से विद्यालय के बच्चों को ट्रैकशूट उपलब्ध कराया था। यही नहीं, बेसिक शिक्षा के प्रति इनकी दिलेरी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बच्चों को जो ट्रैकशूट मिला है उसके टी-शर्ट पर लिखा है हम बच्चे है सरकारी। 

राज्य स्तरीय काव्य गायन प्रतियोगिता 2020 में शंकर रावत ने बलिया को राज्य स्तर पर गौरवान्वित किया था। शिक्षा निदेशक विक्रम बहादुर सिंह द्वारा सम्मानित हो चुके शंकर रावत यूपी टैलेन्ट हण्ट लखनऊ में यूपी गौरव रत्न पुरस्कार भी प्राप्त किए हैं। यही नहीं, अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित आनलाईन योग निबन्ध प्रतियोगिता अमेरिका में बेहतर प्रदर्शन के लिए भी सम्मानित हो चुके हैं। कर्मठ और कर्तव्यनिष्ठता के बदौलत शंकर रावत अपने विद्यालय के बच्चों को ब्लॉक, जनपद, मण्डल, राज्य, राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर तमाम विधाओं (शैक्षिक, योग व खेलकूद सम्बन्धी प्रतियोगिताओं) में प्रतिभाग व सम्मानित करा चुके हैं।

जानिए इनकी खासियत

बुनियादी शिक्षा नामक यूट्यूब चैनल पर अपनी कविता और रचना द्वारा विज्ञान के गूढ़ रहस्यों को रखने वाले शंकर रावत किसी पहचान के मोहताज नहीं है। बात चाहे कोशिका की हो या फिर विटामिन की, सौर मंडल की कहानी से लेकर रक्त सम्बन्ध और गणितीय सूत्रों तक को कविता के भाव में रख कर विद्यार्थियों के बीच ये काफी लोकप्रिय हैं। राज्य स्तरीय पटकथा लेखन प्रतियोगिता 2021 में भी शंकर रावत ने जनपद के नाम को चमकाया था। इनकी पटकथा का शीर्षक था 'मातादीन वाल्मीकि : एक गुमनाम क्रान्तिकारी'। 

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