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बलिया का आयुष हत्याकांड : बेटे का शव देखते ही मां बेसुध, कांपते हाथों से पिता ने दी मुखाग्नि
बलिया। आयुष की हत्या ने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया है। इकलौते बेटे का शव घर पहुंचते ही मां का कलेजा फट गया। “हे भगवान, मेरे जीने का सहारा छीन लिया…” कहते हुए वह दहाड़े मारकर रोने लगीं और बार-बार बेहोश हो जा रही थीं। आसपास मौजूद महिलाएं उन्हें संभालने की कोशिश करती रहीं, लेकिन मातम का दर्द असहनीय था।
पोस्टमार्टम के बाद रविवार देर शाम जब आयुष का शव वाराणसी से उसके पैतृक आवास पहुंचा तो कोहराम मच गया। परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो उठा। बेटे की हत्या से पिता बच्चा यादव पूरी तरह टूट चुके थे। उनकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे, जबकि मां की हालत बेसुधों जैसी बनी रही। आयुष की विवाहित बहन अंजलि कभी पिता को ढांढस बंधाती रहीं, तो कभी भाई को याद कर फूट-फूटकर रो पड़तीं।
सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में आयुष का अंतिम संस्कार तुर्तीपार घाट पर किया गया। इस दौरान कांपते हाथों से पिता ने बेटे को मुखाग्नि दी। उधर, हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस ने पांच टीमें गठित की हैं। एसपी ओमवीर सिंह के अनुसार कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
मां-बाप का इकलौता बेटा था आयुष
आयुष दो बहनों के बीच इकलौता भाई था। बड़ी बहन अंजलि विवाहित है, जबकि छोटी बहन अविवाहित है। पिता बच्चा यादव रोडवेज कर्मचारी हैं और मां गृहिणी। पढ़ाई पूरी करने के बाद आयुष वाराणसी में रहकर काम के साथ नौकरी की तैयारी कर रहा था। कुछ दिन पहले ही वह घर आया था, लेकिन बदमाशों ने घर से कुछ ही दूरी पर उसे गोली मारकर उसकी जिंदगी छीन ली।
सीसीटीवी में कैद हुई वारदात
घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सामने आई है। इसमें एक बाइक पर सवार तीन नकाबपोश बदमाश नजर आ रहे हैं। गोली लगने के बाद घायल आयुष घर की ओर दौड़ता हुआ अंदर जाता दिखता है, जिसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाते हैं।
