Ballia News: पसंदीदा गाने पर नृत्य न करने से जनवासे में बवाल, मारपीट में दूल्हे के पिता सहित पांच घायल, बारात लौटी

बैरिया, बलिया। बैरिया थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव में मंगलवार रात बारात में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मनपसंद गीत पर नृत्य नहीं किए जाने को लेकर कुछ युवकों ने नर्तकियों से दुर्व्यवहार किया। देखते ही देखते जनवासे में मारपीट शुरू हो गई, जिसमें दूल्हे के पिता समेत पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हालात बिगड़ते देख बारात को रात में ही वापस लौटना पड़ा। बाद में दूल्हे को लड़की के घर ले जाकर किसी तरह शादी की रस्में पूरी की गईं।

जानकारी के अनुसार, दोकटी थाना क्षेत्र के भुसौला गांव निवासी छोटू कुमार पुत्र बरमेश्वर प्रसाद की बारात 6 मई को चांदपुर गांव में पंचरत्न प्रसाद उर्फ बसावन प्रसाद की बेटी से शादी के लिए पहुंची थी। स्वागत और द्वारपूजा की रस्मों के बाद जनवासा लगा था। इसी दौरान गांव के कुछ युवक मंच पर पहुंचे और नर्तकियों से 'अहिरानी' भाषा में एक विशेष गीत— “ह जिला उहे गाड़ी किला...”— गाने और उस पर नृत्य करने की मांग करने लगे।

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जब कलाकारों ने उनकी मांग नहीं मानी तो युवक स्टेज पर चढ़ गए और नर्तकियों से अभद्रता करने लगे। इस पर बारातियों ने विरोध किया तो बात बढ़ गई और देखते ही देखते दोनों पक्षों में लाठी-डंडे चलने लगे। मारपीट में दूल्हे के पिता बरमेश्वर प्रसाद, विजय प्रसाद (38), अंशु प्रसाद (36), राजू प्रसाद (30), आकाश (12) और श्यामजी (36) निवासी बेलहरी गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद बारातियों ने वहां से तुरंत लौटने का फैसला किया। रात में ही बारात भुसौला वापस पहुंच गई। हालांकि, कन्या पक्ष ने किसी तरह स्थिति संभाली और दूल्हे को घर बुलाकर चुपचाप शादी की रस्में पूरी कीं।

दूल्हे के पिता ने बैरिया थाने में एक दर्जन लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस संबंध में दुल्हन के पिता पंचरत्न प्रसाद ने कहा कि घटना के बाद परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। वहीं, प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

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