बिन ब्याही मां ने उठाया दिल दहला देने वाला कदम

रांची : छत्तीसगढ़ के जगदलपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां बिन ब्याही एक मां ने बच्ची को जन्म दिया, लेकिन प्रेमी ने उससे शादी करने से मना कर दिया। इसके बाद कलयुगी मां ने खौफनाक कदम उठाते हुए अपने दूधमुंहे को चूहों के बिल के पास मिट्टी में दफन कर दिया। हालांकि बच्ची के रोने की आवाज सुनकर वहां से गुजरने वाले लोगों ने बच्ची को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। यह दिल दहलाने वाली घटना 23 जनवरी की शाम तोकापाल ब्लॉक की है। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 23 जनवरी को एक गांव के सरपंच सुनसान इलाके से गुजर रहे थे, तभी झाड़ियों से उन्हें एक बच्ची की रोने की आवाज आई। उन्होंने उस झाड़ी में जाकर देखा तो जमीन के अंदर से एक बच्ची की रोने की आवाज आ रही थी। उन्होंने वहां से मिट्टी हटानी शुरू कर दी। उन्होंने नवजात बच्ची को जमीन के अंदर देखा तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने इसकी जानकारी एंबुलेंस और वहां के लोगों को दी। घटना की सुचना मिलने के बाद एंबुलेंस और लोगों की भीड़ मौके पर पहुंची। बच्ची की सफाई कर लोगों ने उसे स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ को दे दी, जहां तुरंत स्टाफ ने बच्ची का इलाज शुरू कर दिया। वहीं दूसरी तरफ इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सरपंच ने गांव में बैठक बुलाई। लोगों से पता चला कि युवती और उसका प्रेमी कौन है। गांव के सरपंच ने दोनों को आपस में बैठ कर बात करने को कहा, जिसके बाद दोनों पक्षों ने बैठक की।

यह भी पढ़े - NEET विवाद: धर्मेंद्र प्रधान ने सौंपा इस्तीफा, छात्रों का आंदोलन जारी; लिखित आश्वासन तक धरना खत्म नहीं करने का ऐलान

दिल दहला देने वाली घटना के बाद गांव में बवाल मच गया। घरवालों को लड़की ने बताया कि वो बदनामी के डर से बच्ची को चूहों के खाने के लिए बिल के पास दफना दिया था। लड़की वाले अब लड़के वालों को समझाकर इस मामले का कुछ हल निकालने की कोशिश में है। अगर कोई हल नहीं निकलता है तो वे लड़के और उसके घरवालों पर मामला दर्ज कर सकते हैं। 

खबरें और भी हैं

Latest News

कारगिल विजय दिवस पर शहीदों के परिजनों और पूर्व सैनिकों का सम्मान, हरदोई में आयोजित हुआ सम्मान समारोह कारगिल विजय दिवस पर शहीदों के परिजनों और पूर्व सैनिकों का सम्मान, हरदोई में आयोजित हुआ सम्मान समारोह
हरदोई। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आश्रय सेवा समिति की ओर से सैनिक कल्याण भवन में सम्मान समारोह आयोजित...
प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार
संभल: गंगा एक्सप्रेसवे पर डबल डेकर बस डिवाइडर से टकराई, 2 की मौत, दो दर्जन घायल
बाराबंकी में सड़क हादसे में छात्रा की मौत, शव रखकर ग्रामीणों ने लगाया जाम
2047 तक बदल सकती है भारत की हिंदू-मुस्लिम राजनीति, विकास के मुद्दे बन सकते हैं चुनावी केंद्र: डॉ. अतुल मलिकराम
Copyright (c) Parakh Khabar All Rights Reserved.