राजनीतिक रणनीतिकार डॉ. अतुल मलिकराम को मिला ‘कार्बन फुटप्रिंट/जीएचजी अकाउंटिंग’ सर्टिफिकेशन

इंदौर, मार्च 2026 : देश के चर्चित राजनीतिक रणनीतिकार डॉ. अतुल मलिकराम को वैश्विक फ्रांसीसी कंपनी ब्यूरो वेरिटास द्वारा ‘कार्बन फुटप्रिंट/जीएचजी अकाउंटिंग 14064:2018’ सर्टिफिकेशन प्रदान किया गया है। यह प्रमाणन उन्हें 23, 24 और 25 फरवरी को आयोजित वर्चुअल प्रशिक्षण सत्र के बाद हुई परीक्षा को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने पर मिला।

राजनीतिक रणनीति में डॉक्टरेट (पीएचडी) की मानद उपाधि प्राप्त कर चुके डॉ. मलिकराम के लिए यह उपलब्धि उनके बहुआयामी कार्यक्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। वे लंबे समय से भारतीय राजनीति, जनसंपर्क और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते हुए अपनी अलग पहचान बना चुके हैं।

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डॉ. मलिकराम राजनीतिक रणनीतिकार होने के साथ-साथ पीआर कंसल्टेंट, लेखक, समाजसेवी और एंगर मैनेजमेंट विशेषज्ञ के रूप में भी जाने जाते हैं। विशेष रूप से मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश जैसे हिंदी भाषी राज्यों की राजनीति में उनके विश्लेषण और रणनीतियों को काफी महत्व दिया जाता है।

राजनीतिक विश्लेषण के क्षेत्र में उनकी कई भविष्यवाणियाँ भी चर्चा में रही हैं। मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक विधायकों के भाजपा में शामिल होने की संभावना से लेकर छत्तीसगढ़ और राजस्थान की राजनीतिक परिस्थितियों तथा 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा-एनडीए के लगभग 294 सीटों तक पहुंचने के अनुमान जैसी कई बातें बाद में सही साबित हुईं।

डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में भी वे सक्रिय हैं। उनके द्वारा संचालित ‘बुंदेलखंड 24×7’ डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म के माध्यम से बुंदेलखंड क्षेत्र की जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। इसके साथ ही एक मजबूत और सुव्यवस्थित पृथक बुंदेलखंड की अवधारणा को भी उन्होंने नई ऊर्जा देने का प्रयास किया है।

लेखन के क्षेत्र में भी डॉ. मलिकराम का उल्लेखनीय योगदान है। वे ‘दिल से’, ‘गल्लां दिल दी’, ‘दिल विल’, ‘माई दिल गोज़’ और ‘दिल दश्त’ जैसी प्रेरक पुस्तकों के लेखक हैं, जिनमें जीवन, भावनाओं और सामाजिक विषयों को सरल और प्रेरक शैली में प्रस्तुत किया गया है।

समाजसेवा के क्षेत्र में उन्होंने इंदौर में देश का पहला एंगर मैनेजमेंट कैफे ‘भड़ास’ शुरू किया, जिसका उद्देश्य लोगों को तनाव और गुस्से को सकारात्मक तरीके से व्यक्त करने का मंच देना है। उनकी संस्था ‘बीइंग रिस्पॉन्सिबल’ के तहत बुजुर्गों के लिए तीन डे-केयर सेंटर भी संचालित किए जा रहे हैं।

इसके अलावा वे पर्यावरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कई अभियानों का संचालन भी करते हैं। हर साल गर्मियों में #दानापानी अभियान के तहत पक्षियों के लिए हजारों मिट्टी के सकोरे और दाने वितरित किए जाते हैं, जबकि #नंगेपैर अभियान के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को चप्पल और टोपी प्रदान की जाती है। वहीं ‘मेरा नाम मेरी पहचान’ अभियान के जरिए स्ट्रीट वेंडर्स की ब्रांडिंग के लिए स्टैंडिंग बोर्ड, पोस्टर और बैनर उपलब्ध कराए जाते हैं।

सामाजिक परिवर्तन और जनहित के कार्यों में योगदान के लिए उन्हें प्रतिष्ठित ‘गॉडफ्रे फिलिप्स रेड एंड व्हाइट गोल्ड अवॉर्ड’ से भी सम्मानित किया जा चुका है।

भविष्य की योजनाओं के तहत डॉ. अतुल मलिकराम #2030काभारत अभियान के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शून्य गरीबी और शून्य भुखमरी जैसे सतत विकास लक्ष्यों पर काम कर रहे हैं। उनका मानना है कि सामाजिक बदलाव के लिए जनजागरूकता, नीति-निर्माण और सामुदायिक सहभागिता का समन्वय बेहद जरूरी है।

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