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जब प्यार बन जाता है नियंत्रण का जरिया: ‘इत्ती सी खुशी’ में संजय के थप्पड़ के बाद अन्विता का साहसी फैसला
मुंबई। सोनी सब के लोकप्रिय धारावाहिक इत्ती सी खुशी में भावनात्मक मोड़ आता है, जब अन्विता अपने आत्मसम्मान के लिए एक बड़ा और कठिन निर्णय लेती है। यह कहानी अन्विता (संबुल तौकीर खान) की है, जो एक निस्वार्थ युवती है और जिसने कम उम्र में ही अपने भाई-बहनों के लिए माता-पिता की जिम्मेदारी संभाल ली। परिवार को संभालने से लेकर विवाह और प्रेम की जटिलताओं तक, अन्विता ने हमेशा अपनों को खुद से पहले रखा है।
कहानी उस समय गंभीर हो जाती है, जब एडवोकेट लीना अचानक यह देखने आती हैं कि अन्विता के भाई-बहन सुरक्षित और सही माहौल में रह रहे हैं या नहीं। स्थिति बिगड़ती देख संजय चालाकी से अन्विता को यह एहसास कराता है कि उसके भाई-बहनों की कस्टडी पूरी तरह उसी पर निर्भर है और वह उसे छोड़ने के बारे में सोच भी नहीं सकती। इसके बाद संजय का व्यवहार और अधिक संदिग्ध हो जाता है, जब वह अन्विता से हर पल घर की जानकारी मांगने लगता है।
सच्चाई जानने के लिए अन्विता दीया और विराट की मदद लेती है और उसे पता चलता है कि संजय ने एक गुप्त निगरानी कक्ष बना रखा है, जहाँ से वह घर और कैफे के हर कोने पर नज़र रखता है। जब अन्विता इस पर सवाल उठाती है, तो संजय अपना आपा खो देता है और उसे थप्पड़ मार देता है। यही वह पल होता है, जब अन्विता अपने आत्मसम्मान को चुनते हुए उसका घर छोड़ देती है और वापस दिवेकर परिवार के पास लौट जाती है।
अब सवाल यह है कि क्या यह संजय और अन्विता के रिश्ते का अंत होगा, या संजय एक बार फिर भाई-बहनों की कस्टडी को हथियार बनाकर उसे अपने नियंत्रण में करने की कोशिश करेगा?
इस ट्रैक पर बात करते हुए अन्विता की भूमिका निभा रहीं संबुल तौकीर खान कहती हैं कि यह पल उनके किरदार के लिए टूटने वाला है। उनके अनुसार, थप्पड़ सिर्फ शारीरिक पीड़ा नहीं देता, बल्कि भरोसे और सम्मान को भी तोड़ देता है। ऐसे में घर छोड़ना अन्विता के लिए अपने आत्मसम्मान को चुनने का प्रतीक है, चाहे इसके लिए उसे सब कुछ दांव पर ही क्यों न लगाना पड़े।
‘इत्ती सी खुशी’ देखिए हर सोमवार से शनिवार, रात 9 बजे, केवल सोनी सब पर।
