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स्पेशल टास्क फोर्स ने फर्जी नोटों की फैक्ट्री का किया भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार; भारी मात्रा में उपकरण व नकली करेंसी बरामद
कोलकाता। कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने फर्जी भारतीय मुद्रा नोट तैयार कर बाजार में खपाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि नकली नोटों के साथ उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और अन्य सामग्री भी बरामद की गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बुधवार अपराह्न एसटीएफ की टीम ने पटुली थाना क्षेत्र में तीन संदिग्धों को रोका। तलाशी के दौरान उनके पास से 9,200 रुपये के नकली भारतीय नोट बरामद किए गए, जिनमें 500 रुपये के 14 नोट, 200 रुपये के 10 नोट और 100 रुपये के 2 नोट शामिल थे। इसके बाद शाम करीब पांच बजे तीनों को गिरफ्तार कर एसटीएफ थाने में मामला दर्ज किया गया। आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 178/179/180/181/61(2) के तहत केस दर्ज किया गया है।
गुरुवार तड़के आरोपित आलोक नाग और अयान नाग के बयान के आधार पर एसटीएफ की टीम ने दक्षिण 24 परगना जिले के नरेंद्रपुर थाना अंतर्गत सोनारपुर के राजपुर, तेघोरिया, दशानी पाड़ा स्थित रामकृष्ण पल्ली इलाके में छापेमारी की। यहां आलोक नाग द्वारा किराए पर लिए गए मकान से फर्जी नोट बनाने की पूरी यूनिट का खुलासा हुआ।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 15,200 रुपये के नकली नोट बरामद किए, जिनमें 500 रुपये के 8 नोट, 200 रुपये के 14 नोट और 100 रुपये के 84 नोट शामिल हैं। इसके अलावा तीन स्कैनर-कम-कलर प्रिंटर, विभिन्न मूल्यवर्ग के असली नोट चिपकाए गए सफेद पन्ने, अधूरे रंगीन प्रिंटेड नकली नोट, नौ चमकीले हरे रंग के पेन और 22,000 रुपये नकद भी जब्त किए गए।
पुलिस का कहना है कि आरोपित नकली भारतीय मुद्रा तैयार कर उसे बाजार में चलाने का संगठित काम कर रहे थे। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और फर्जी नोटों के वितरण तंत्र का पता लगाने के लिए जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हिरासत में पूछताछ के दौरान इस गिरोह से जुड़े और भी अहम सुराग मिलने की उम्मीद
