प्रग्नानंदा ने रचा इतिहास, नॉर्वे शतरंज जीतने वाले पहले भारतीय बने

अहमदाबाद/ओस्लो। भारतीय ग्रैंडमास्टर ने नॉर्वे शतरंज 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। अदाणी स्पोर्ट्सलाइन की 'गर्व है' पहल से जुड़े 20 वर्षीय प्रग्नानंदा ने दुनिया के कई शीर्ष खिलाड़ियों को पछाड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की।

ओस्लो में आयोजित टूर्नामेंट में प्रग्नानंदा ने विश्व नंबर-1 , मौजूदा विश्व चैंपियन , , और जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए खिताब अपने नाम किया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने कार्लसन को दो बार हराया और गुकेश के खिलाफ भी क्लासिकल मुकाबले में महत्वपूर्ण जीत दर्ज की।

यह भी पढ़े - ग्रामीण और छोटे शहरों के युवाओं के लिए बड़ी पहल, पीआर 24x7 देगा ₹50 हजार से ₹50 लाख तक की फंडिंग

खिताब की दौड़ में बने रहने के लिए प्रग्नानंदा ने अंतिम दौर में भारतीय ग्रैंडमास्टर के खिलाफ मुकाबला ड्रॉ खेला और फिर आर्मगेडन टाईब्रेकर में जीत हासिल की। अन्य मुकाबलों के नतीजे भी उनके पक्ष में रहे, जिससे वे अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंच गए।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर ने प्रग्नानंदा को बधाई देते हुए कहा कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को खेल के सबसे बड़े मंचों में से एक पर हराना असाधारण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि प्रग्नानंदा उभरते हुए युवा भारत के आत्मविश्वास का प्रतीक हैं और पूरे देश को उनकी इस उपलब्धि पर गर्व है।

वहीं, अदाणी एंटरप्राइजेज के निदेशक ने कहा कि नॉर्वे शतरंज जीतने वाले पहले भारतीय बनने की प्रग्नानंदा की उपलब्धि भारतीय शतरंज और भारतीय खेल जगत के लिए बेहद गौरवपूर्ण क्षण है।

वर्ष 2013 में शुरू हुआ दुनिया के सबसे मजबूत और प्रतिष्ठित शतरंज टूर्नामेंटों में गिना जाता है। भारत के पांच बार के विश्व चैंपियन और मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश भी इससे पहले यह खिताब नहीं जीत सके थे। ऐसे में प्रग्नानंदा की यह जीत भारतीय शतरंज के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।

प्रग्नानंदा की यह सफलता न केवल उनके शानदार करियर में एक नया अध्याय जोड़ती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि भारतीय शतरंज की नई पीढ़ी विश्व स्तर पर लगातार अपनी मजबूत पहचान बना रही है।

खबरें और भी हैं

Copyright (c) Parakh Khabar All Rights Reserved.