गोरखपुर में सड़क सुरक्षा और ट्रॉमा रिस्पॉन्स ट्रेनिंग, पुलिसकर्मियों व वॉलंटियर्स को दिया प्रशिक्षण

गोरखपुर, सितंबर 2026: सड़क दुर्घटनाओं में त्वरित सहायता और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से सेवलाइफ फाउंडेशन ने टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस के सहयोग से गोरखपुर में दो दिवसीय बेसिक ट्रॉमा लाइफ सपोर्ट (BTLS) और सड़क सुरक्षा मित्र (SSM) प्रशिक्षण का आयोजन किया। यह प्रशिक्षण जीरो फैटलिटी डिस्ट्रिक्ट (ZFD) प्रोग्राम के तहत 25 से 27 सितंबर के बीच आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिसकर्मियों और कम्युनिटी वॉलंटियर्स को दुर्घटना के दौरान शुरुआती स्तर पर प्रभावी मदद करने और सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों के लिए जरूरी कौशल प्रदान करना था। प्रशिक्षण सत्र पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित किए गए। गोरखपुर के पुलिस अधीक्षक (यातायात) अमित कुमार श्रीवास्तव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

यह भी पढ़े - ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ की लाइव क्विज में लाखों दर्शक शामिल, वाराणसी का परिवार भी विजेताओं में

सीपीआर से लेकर ब्लीडिंग कंट्रोल तक सिखाए जीवनरक्षक कौशल

BTLS प्रशिक्षण में दुर्घटना के बाद शुरुआती प्रतिक्रिया और जीवन बचाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण कौशलों पर जोर दिया गया। इसमें सीपीआर, ब्लीडिंग कंट्रोल, सर्वाइकल स्पाइन स्थिरीकरण और ट्रॉमा प्रबंधन में ‘गोल्डन ऑवर’ के महत्व की जानकारी दी गई।

प्रतिभागियों को मेडिकल इमरजेंसी की पहचान, पीड़ित का प्रारंभिक आकलन और दुर्घटनास्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के तरीकों का प्रशिक्षण भी दिया गया। इसके अलावा चोकिंग की स्थिति में प्राथमिक सहायता और गुड सैमरिटन लॉ से जुड़ी जानकारी दी गई, ताकि दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वाले लोगों को कानूनी प्रक्रिया को लेकर अनावश्यक परेशानी न हो।

सड़क सुरक्षा मित्रों को दुर्घटना स्थल प्रबंधन की ट्रेनिंग

SSM प्रशिक्षण सड़क सुरक्षा मित्र कार्यक्रम से जुड़े वॉलंटियर्स के लिए आयोजित किया गया। यह पहल सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और युवा मामले एवं खेल मंत्रालय की साझा पहल है, जिसके तहत युवाओं को सड़क सुरक्षा गतिविधियों में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

प्रशिक्षण के दौरान वॉलंटियर्स को दुर्घटनास्थल का प्रबंधन, घटनास्थल को सुरक्षित रखना, एंबुलेंस के लिए ग्रीन कॉरिडोर की सुविधा, खतरनाक स्थानों की पहचान और दुर्घटनाओं की रोकथाम के उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही समुदाय के साथ संवाद कर सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार यातायात व्यवहार को बढ़ावा देने के तरीकों पर भी प्रशिक्षण दिया गया।

पुलिस और समुदाय की क्षमता बढ़ाने पर जोर

पुलिस अधीक्षक (यातायात) अमित कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सड़क दुर्घटना कुछ ही मिनटों में जानलेवा हो सकती है, इसलिए समय पर और उचित कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचने वाले पुलिसकर्मियों और सामुदायिक कार्यकर्ताओं को आवश्यक ट्रॉमा रिस्पॉन्स कौशल मिलने से पीड़ितों के लिए समय पर मदद उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

सेवलाइफ फाउंडेशन के फाउंडर और सीईओ पीयूष तिवारी ने कहा कि दुर्घटना के बाद ‘गोल्डन ऑवर’ में सही चिकित्सा सहायता मिलने से जान बचाने की संभावना बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में BTLS और SSM प्रशिक्षण से पुलिसकर्मियों और सामुदायिक कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ी है, जिससे त्वरित प्रतिक्रिया का सिस्टम मजबूत होगा।

टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस के उपाध्यक्ष एवं प्रमुख-सीएसआर और सस्टेनेबिलिटी देवांग पांड्या ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए केवल जागरूकता पर्याप्त नहीं है, बल्कि इससे जुड़े सभी हितधारकों की क्षमता बढ़ाना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण अभियान के जरिए पुलिस और समुदाय को जरूरी जानकारी व कौशल उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।

खबरें और भी हैं

Copyright (c) Parakh Khabar All Rights Reserved.