सपा के वरिष्ठ नेता रामगोविन्द चौधरी का निधन, बलिया में शोक की लहर

बलिया: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व कैबिनेट मंत्री और उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी का निधन हो गया। उन्होंने लखनऊ के पीजीआई में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से बलिया समेत पूरे उत्तर प्रदेश में शोक की लहर है।

रामगोविन्द चौधरी का जन्म 9 जुलाई 1946 को बलिया के गोसाईंपुर गांव में हुआ था। वह चिलकहर विधानसभा क्षेत्र से पांच बार और बांसडीह विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे। करीब दो वर्षों से वह हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे।

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छात्र राजनीति से शुरू किया सफर

रामगोविन्द चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। वह बलिया के टीडी कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे। वर्ष 1977 में उन्होंने पहली बार चिलकहर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इसके बाद वह इस क्षेत्र से पांच बार विधायक बने।

वर्ष 2002, 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बांसडीह सीट से जीत हासिल की और तीन बार विधायक रहे। इस तरह वह कुल आठ बार उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे।

मंत्री से नेता प्रतिपक्ष तक का सफर

रामगोविन्द चौधरी ने प्रदेश सरकार में तीन बार मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 1990 में वह उद्यान प्रसंस्करण मंत्री बने। वर्ष 2003 में मुलायम सिंह यादव सरकार में उन्हें बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की जिम्मेदारी मिली।

अखिलेश यादव सरकार में वर्ष 2012 से 2017 तक उन्होंने बेसिक शिक्षा और बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री के रूप में काम किया। इसके बाद वर्ष 2017 से 2022 तक वह उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे।

उनके निधन की खबर सामने आने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने शोक संवेदना व्यक्त की। रामगोविन्द चौधरी के निधन को समाजवादी राजनीति और प्रदेश की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में याद किया जा रहा है।

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