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बलिया को स्वच्छ और सुंदर बनाने पर जोर, हर दुकानदार को रखना होगा डस्टबिन
बलिया: जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पत्रकारों से बातचीत के दौरान स्वच्छता, जनकल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसुनवाई को लेकर प्रशासन की प्राथमिकताएं बताईं। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना और बलिया को स्वच्छ एवं सुंदर बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हर दुकानदार को रखना होगा डस्टबिन
डीएम ने कहा कि शहर के प्रत्येक दुकानदार के पास डस्टबिन होना अनिवार्य होगा। दुकानदारों को पहले एक सप्ताह तक जागरूक किया जाएगा। इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं करने वालों पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि खराब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल ठीक कराने और जहां लाइट की व्यवस्था नहीं है, वहां नई लाइट लगाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं दो अक्टूबर को माल्देपुर से कदम चौराहा तक डिवाइडर पर पौधरोपण कराया जाएगा, ताकि शहर में प्रवेश करने वाले लोगों को बेहतर और आकर्षक वातावरण मिल सके।
झोपड़ी मुक्त बलिया बनाने पर जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को आवास के अभाव में झोपड़ी में रहने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। पात्र लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम सचिवों को दी गई है। योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटरों और ग्रामीण क्षेत्रों में पंपलेट के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराया जाएगा।
आईजीआरएस की शिकायतों के निस्तारण को लेकर भी डीएम ने सख्ती दिखाई। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की अनुपस्थिति मिलने पर जवाबदेही तय की जाएगी। राजस्व संबंधी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश सभी एसडीएम को दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का मिलेगा लाभ
डीएम ने बताया कि माता-पिता में से किसी एक या दोनों की मृत्यु होने की स्थिति में पात्र बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत प्रतिमाह 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। अधिकारियों को पात्र बच्चों तक योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
जनसुनवाई में मौजूद रहेंगे सीएमओ के कर्मचारी
जनसुनवाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए प्रतिदिन सीएमओ के कर्मचारी मौजूद रहेंगे, ताकि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का मौके पर समाधान कराया जा सके। इसके अलावा 70 वर्ष से अधिक उम्र के पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
तीन महीने में हर सरकारी स्कूल में फर्नीचर
शिक्षा व्यवस्था पर डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के किसी भी सरकारी स्कूल में बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई न करें। बीएसए और ग्राम प्रधानों को तीन महीने के भीतर विद्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। नगर पालिका क्षेत्रों के विद्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी चेयरमैनों को दी गई है।
डीएम ने कहा कि जिले के विकास से जुड़ी योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखकर उन्हें धरातल पर उतारने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान एडीएम अनिल कुमार, जिला सूचना अधिकारी ऋषभ देव त्रिपाठी, अरुण कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
