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'ऑफ-स्क्रीन भी मुझे पितामह कहते हैं': युवा कलाकारों संग अपने खास रिश्ते पर बोले मनीष वाधवा
मुंबई। सोनी सब के पौराणिक धारावाहिक 'हस्तिनापुर के वीर' में भीष्म पितामह का किरदार निभा रहे अभिनेता मनीष वाधवा न सिर्फ पर्दे पर युवा राजकुमारों के मार्गदर्शक की भूमिका में नजर आ रहे हैं, बल्कि वास्तविक जीवन में भी शो के युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत बने हुए हैं।
शूटिंग के दौरान मनीष वाधवा और युवा कलाकारों के बीच एक खास रिश्ता विकसित हुआ है। युधिष्ठिर की भूमिका निभा रहे अथर खान, भीम के रूप में सुभाष खत्री, अर्जुन के रूप में उर्वा सवालिया, नकुल के रूप में हरित गबानी, सहदेव के रूप में मयंक यादव, दुर्योधन के रूप में अय्युध भानुशाली और दुःशासन के रूप में शौर्य उपाध्याय सहित सभी कलाकार उन्हें एक मार्गदर्शक की तरह देखते हैं।
मनीष वाधवा ने बताया कि सेट पर वह अक्सर युवा कलाकारों को उनके किरदारों की भावनाओं को समझने, संवादों की प्रस्तुति बेहतर बनाने और पौराणिक कथाओं की पृष्ठभूमि को जानने में मदद करते हैं। समय के साथ यह रिश्ता केवल सह-कलाकारों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आपसी सम्मान, सीख और अपनत्व में बदल गया।
अपने अनुभव साझा करते हुए मनीष वाधवा ने कहा, "मुझे सबसे अच्छी बात यह लगती है कि ये सभी बच्चे सीखने के लिए हमेशा उत्सुक रहते हैं। वे लगातार सवाल पूछते हैं और हर दृश्य को बेहतर ढंग से समझने का प्रयास करते हैं। शूटिंग के दौरान हम पौराणिक कथाओं पर चर्चा करते हैं, बातचीत करते हैं और खूब हंसी-मजाक भी करते हैं।"
उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "अब तो ऑफ-स्क्रीन भी कई लोग मुझे 'पितामह' कहकर बुलाने लगे हैं। यह मेरे लिए बेहद खास और भावनात्मक अनुभव है। हमने एक खूबसूरत रिश्ता बनाया है और इन बच्चों की ऊर्जा हर दिन सेट को जीवंत बनाए रखती है।"
देखिए 'हस्तिनापुर के वीर', हर सोमवार से शनिवार रात 9 बजे, सिर्फ सोनी सब पर।
