जहाँ दिल आज भी बसता है: सोनी सब के कलाकारों ने साझा की अपने शहर, खाने और त्योहारों की यादें

मुंबई, जनवरी 2026। एक नए शहर में रहकर सपनों को पूरा करने की दौड़ आसान नहीं होती। लंबे शूट, व्यस्त दिनचर्या और लगातार बदलते माहौल के बीच घर की यादें ही वह सहारा बनती हैं, जो इंसान को भीतर से मजबूत रखती हैं। सोनी सब के लोकप्रिय कलाकार ऋषि सक्सेना, दीक्षा जोशी, श्रेनु पारिख, पूजा कतुरडे और रजत वर्मा ने अपने-अपने शहरों से जुड़ी यादों, पारिवारिक परंपराओं, त्योहारों और पसंदीदा खाने के अनुभव साझा किए, जो आज भी उनके दिल के बेहद करीब हैं।

इत्ती सी खुशी में संजय का किरदार निभा रहे ऋषि सक्सेना कहते हैं कि जोधपुर ने उन्हें वह इंसान बनाया है, जो वे आज हैं। काम के सिलसिले में भले ही वे किसी और शहर में हों, लेकिन उनका मन आज भी जोधपुर की नीली गलियों में भटकता रहता है। शाम के समय मिर्ची वड़े की खुशबू, मां के हाथ की दाल-बाटी और वहां की सुकूनभरी जिंदगी उन्हें सबसे ज्यादा याद आती है। ऋषि मानते हैं कि दूर रहकर उन्होंने अपने शहर की अहमियत और भी ज्यादा समझी है।IMG-20260130-WA0028

यह भी पढ़े - ‘गाँधी टॉक्स’ का ट्रेलर रिलीज़: जब खामोशी शब्दों से भी ज़्यादा असरदार बन जाती है

गणेश कार्तिकेय में देवी पार्वती की भूमिका निभा रहीं श्रेनु पारिख के लिए बड़ौदा सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि उनकी पहचान है। अभिनय, नृत्य, गायन और मॉडलिंग की शुरुआत यहीं से हुई। नवरात्रि के दौरान नवलखी ग्राउंड में दोस्तों के साथ देर रात तक गरबा खेलना, उत्तरायण पर मामा के घर पतंग उड़ाना और उंधियू-जलेबी का स्वाद, उनके बचपन की सबसे अनमोल यादें हैं। श्रेनु के लिए त्योहार हमेशा परिवार और साथ होने का एहसास लेकर आते हैं।

पुष्पा इम्पॉसिबल में दीप्ति का किरदार निभा रहीं दीक्षा जोशी बताती हैं कि अहमदाबाद में बिताया गया समय उनके व्यक्तित्व की नींव है। सेंट जेवियर्स कॉलेज में पढ़ाई और शहर का सांस्कृतिक माहौल उन्हें आज भी प्रेरित करता है। नवरात्रि की रंगीन रातें, साबरमती रिवरफ्रंट की शांति और पोल्स की गलियों का आकर्षण उनके दिल में बसा हुआ है। उनके लिए बचपन की यादें आज भी उतनी ही ताजा हैं।

IMG-20260130-WA0026

इसी शो में प्रार्थना की भूमिका निभा रहीं पूजा कतुरडे के लिए पुणे की सर्दियां और पारंपरिक मराठी मिठाइयाँ बेहद खास हैं। दादी के हाथ के तिल-गुड़ के लड्डू, गणेश चतुर्थी पर दगडूशेठ हलवाई गणपति के दर्शन और मिसल पाव का स्वाद, उनके शहर से जुड़ी सबसे प्यारी यादें हैं। पूजा मानती हैं कि कॉलेज का समय ही उनके आत्मविश्वास और अनुशासन की असली शुरुआत था।

इन कलाकारों के लिए घर सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि यादों, स्वादों और रिश्तों का एहसास है, जो उन्हें हर कदम पर यह याद दिलाता है कि वे चाहे जितनी भी दूर चले जाएँ, दिल हमेशा अपने शहर में ही बसता है।

इत्ती सी खुशी, गणेश कार्तिकेय और पुष्पा इम्पॉसिबल देखिए, सिर्फ सोनी सब पर।

खबरें और भी हैं

Copyright (c) Parakh Khabar All Rights Reserved.