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खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026: अमेरिका से आई कोच नताली, फिगर स्केटिंग के जरिए लेह-लद्दाख को लौटा रहीं कुछ खास
लेह (लद्दाख), जनवरी 2026। फिगर स्केटिंग कोच नताली इन दिनों लेह-लद्दाख में चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। अमेरिकी नागरिक नताली पहली बार वर्ष 2018 में जिज्ञासा के चलते लद्दाख पहुंची थीं, लेकिन इस हिमालयी क्षेत्र से उन्हें ऐसा लगाव हुआ कि तब से वह लगातार यहां आती रही हैं। खास बात यह है कि नताली बिना किसी आर्थिक स्वार्थ के स्थानीय बच्चों को फिगर स्केटिंग का प्रशिक्षण दे रही हैं।
नताली अमेरिका में सीनियर स्तर की फिगर स्केटर रह चुकी हैं और वहां वर्षों तक कोचिंग भी दे चुकी हैं। लद्दाख में उनका जुड़ाव सिर्फ प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समुदाय के प्रति उनके प्रेम और समर्पण को भी दर्शाता है। उन्होंने बताया कि लद्दाख की प्राकृतिक बर्फीली झीलें, स्थानीय लोगों का स्केटिंग के प्रति जुनून और सहयोगी स्वभाव उन्हें बार-बार यहां खींच लाता है।
नताली के अनुसार, लद्दाख के छोटे-छोटे गांवों में भी सर्दियों के दौरान जमी हुई झीलों पर बच्चे और युवा स्केटिंग का अभ्यास करते नजर आ जाते हैं। यही उत्साह और सीखने की ललक उन्हें सबसे ज्यादा प्रेरित करती है।
फिगर स्केटिंग के बारे में जानकारी देते हुए नताली ने बताया कि खेलो इंडिया विंटर गेम्स में इसे दो श्रेणियों—नवोदित और उन्नत—में आयोजित किया जा रहा है। नवोदित वर्ग में सिंगल और डबल जंप्स तथा बुनियादी स्पिन्स होते हैं, जबकि उन्नत स्तर पर डबल और ट्रिपल जंप्स, जटिल फुटवर्क और स्पिन्स देखने को मिलते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तो क्वाड्रपल जंप्स तक किए जाते हैं।
नताली का मानना है कि खेलो इंडिया के तहत फिगर स्केटिंग को शामिल किया जाना इस ओलंपिक खेल के लिए बेहद सकारात्मक कदम है। इससे देशभर में इस खेल के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का स्पष्ट मंच मिलेगा।
भारत की मौजूदा प्रतिभाओं पर बात करते हुए उन्होंने फिगर स्केटर तारा प्रसाद का विशेष उल्लेख किया। नताली के अनुसार, तारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
लेह स्थित नवांग दोरजे स्तोबदान स्टेडियम में मौजूद कृत्रिम आइस सतह को लेकर भी नताली उत्साहित हैं। यह देश की दूसरी ऐसी सुविधा है, जहां आइस स्पोर्ट्स के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है। उनका मानना है कि इनडोर आइस रिंक्स के विकास से खिलाड़ी सालभर अभ्यास कर सकेंगे और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर रूप से तैयार होंगे।
अंत में नताली ने कहा कि भारत में आइस स्पोर्ट्स के लिए बढ़ता इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी समर्थन फिगर स्केटिंग के भविष्य को मजबूत करेगा और आने वाले वर्षों में भारतीय खिलाड़ी वैश्विक मंच पर देश का नाम रोशन करेंगे।
