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‘गाँधी टॉक्स’ का ट्रेलर रिलीज़: जब खामोशी शब्दों से भी ज़्यादा असरदार बन जाती है
मुंबई, जनवरी 2026: ज़ी स्टूडियोज़ ने क्यूरियस डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड, पिंकमून मेटा स्टूडियोज़ और मूवी मिल एंटरटेनमेंट के सहयोग से अपनी आगामी फिल्म ‘गाँधी टॉक्स’ का ट्रेलर जारी कर दिया है। यह फिल्म साहसी और कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा के प्रति मेकर्स की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और पारंपरिक कहानी कहने के ढर्रे को चुनौती देती है।
विजय सेतुपति, अरविंद स्वामी, अदिति राव हैदरी और सिद्धार्थ जाधव जैसे सशक्त कलाकारों से सजा यह ट्रेलर सूक्ष्म अभिनय, आंतरिक संघर्ष और मौन के माध्यम से अभिव्यक्ति की झलक दिखाता है। यहाँ शब्दों की जगह भावनाएँ और उपस्थिति कथा का केंद्र बन जाती हैं।
अपने अनुभव साझा करते हुए विजय सेतुपति ने कहा,
“‘गाँधी टॉक्स’ ने मुझे बिना शब्दों के भाव प्रकट करने की चुनौती दी। यह एक दुर्लभ फिल्म है, जहाँ खामोशी ही सबसे सशक्त संवाद बन जाती है।”
अरविंद स्वामी ने कहा,
“शोर से भरी दुनिया में ‘गाँधी टॉक्स’ याद दिलाती है कि खामोशी भी आत्मा को झकझोर सकती है। इस फिल्म में शब्द पीछे हट जाते हैं और सच चुपचाप सामने आता है। ए. आर. रहमान का संगीत इसकी भाषा बन जाता है।”
फिल्म के भावनात्मक पहलू पर अदिति राव हैदरी ने कहा,
“इस फिल्म की सबसे खास बात यह है कि भावनाएँ कही नहीं जातीं, बल्कि महसूस की जाती हैं। संवेदनशीलता और मौन को इतनी खूबसूरती से जीते हुए बहुत कम फिल्में देखने को मिलती हैं।”
सिद्धार्थ जाधव के लिए यह फिल्म सिनेमा की सार्वभौमिक शक्ति का प्रमाण है। उन्होंने कहा,
“बिना संवादों के इतनी प्रभावी कहानी का हिस्सा बनना मेरे लिए बेहद खास अनुभव रहा। यह याद दिलाता है कि सिनेमा शब्दों से कहीं आगे जाता है।”
किशोर पांडुरंग बेलेकर के निर्देशन में बनी ‘गाँधी टॉक्स’ को ए. आर. रहमान के प्रभावशाली संगीत और बैकग्राउंड स्कोर का मजबूत सहारा मिला है। रहमान का संगीत मौन दृश्यों में जान डालता है और अनकहे पलों को और अधिक गहराई देता है।
एक अनोखी और साहसी रणनीति के तहत मेकर्स ने फिल्म का ट्रेलर इसके संगीत समारोह से तीन दिन पहले रिलीज़ किया। ए. आर. रहमान के लाइव कॉन्सर्ट के दौरान सिनेमा और लाइव म्यूज़िक का यह दुर्लभ संगम दर्शकों के लिए एक अलग ही अनुभव लेकर आया। यह प्रमोशनल अप्रोच फिल्म की उसी फिलॉसफी को दर्शाती है, जिसमें अनुभव, संवेदना और कला को प्राथमिकता दी गई है।
