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ऑस्कर की दौड़ में भारत की फिल्म ‘गोंधल’, ग्लोबल ट्रेलर रिलीज; 13 नवंबर को सात भाषाओं में होगी दुनियाभर में प्रदर्शित
मुंबई, अक्टूबर 2026। भारतीय सिनेमा के लिए एक खास उपलब्धि के रूप में संतोष दावखर की मनोवैज्ञानिक थ्रिलर फिल्म ‘गोंधल’ का ग्लोबल ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है। 99वें अकादमी पुरस्कारों के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में चुनी गई यह फिल्म 13 नवंबर, 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म को हिंदी, मराठी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और अंग्रेजी समेत सात भाषाओं में प्रदर्शित किया जाएगा।
रहस्य, आस्था और रिश्तों की उलझनों की कहानी है ‘गोंधल’
महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की पृष्ठभूमि पर बनी ‘गोंधल’ नवविवाहित जोड़े सुमन और आनंद राव की कहानी है। दोनों की जिंदगी उस समय अप्रत्याशित मोड़ ले लेती है, जब निजी इच्छाएं, पारिवारिक जिम्मेदारियां और आस्था आपस में टकराने लगती हैं। इसके बाद रहस्यमयी घटनाओं का सिलसिला शुरू होता है, जो इस जोड़े को अनिश्चितताओं और मनोवैज्ञानिक तनाव से भरी दुनिया में ले जाता है।
फिल्म की कहानी इस सवाल के इर्द-गिर्द आगे बढ़ती है कि जो दिखाई देता है, क्या वही सच है? ट्रेलर में रहस्यमयी दृश्य, सांस्कृतिक परंपराओं की झलक और रिश्तों के भीतर चल रहे संघर्ष को प्रभावशाली अंदाज में पेश किया गया है। महाराष्ट्र की लोक-सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित यह फिल्म क्षेत्रीय प्रामाणिकता और मनोवैज्ञानिक रोमांच का अनूठा मेल प्रस्तुत करती है।
भारतीय संस्कृति को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाना चाहते हैं संतोष दावखर
फिल्म के लेखक और निर्देशक संतोष दावखर ने कहा कि भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहचान अक्सर गरीबी और जातिगत संघर्षों से जुड़ी कहानियों के माध्यम से बनती है। हालांकि, ये वास्तविकताएं महत्वपूर्ण हैं, लेकिन भारत की सांस्कृतिक विविधता और अभिव्यक्ति का पूरा प्रतिनिधित्व नहीं करतीं।
उन्होंने कहा कि ‘गोंधल’ उनके लिए केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही संस्कृति, लोगों और परंपराओं का संगम है। उनका उद्देश्य इस सांस्कृतिक विरासत को प्रामाणिकता के साथ अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाना है।
दावखर के मुताबिक, अकादमी पुरस्कार जैसे वैश्विक मंच फिल्मकारों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और विशिष्ट पहचान को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर देते हैं। उन्होंने फिल्म को इसी सोच के साथ बनाया है, ताकि महाराष्ट्र की एक सशक्त परंपरा को सार्वभौमिक सिनेमाई भाषा के जरिए वैश्विक पर्दे तक पहुंचाया जा सके।
आईएफएफआई में सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार जीत चुके हैं दावखर
संतोष दावखर को 56वें अंतर्राष्ट्रीय भारतीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) में सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का सिल्वर पीकॉक पुरस्कार मिल चुका है। महोत्सव की जूरी ने ‘गोंधल’ को वास्तविक दुनिया में स्थापित शेक्सपियरियन गाथा के रूप में वर्णित किया था।
फिल्म में इशिता देशमुख, किशोर कदम, योगेश सोहनी और निशाद भोईर प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। इसका निर्माण संतोष दावखर ने अपनी प्रोडक्शन कंपनी दावखर फिल्म्स की सह-संस्थापक दीक्षा दावखर के साथ मिलकर किया है। कंपनी क्षेत्रीय कहानियों को मंच देने और सिनेमैटोग्राफी, ध्वनि, संगीत तथा अभिनय में उच्च गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर देती है।
फिल्म की सिनेमैटोग्राफी अमलेंदु चौधरी ने की है। इसकी एक खास विशेषता यह भी है कि फिल्म की शुरुआत 25 मिनट के एक निरंतर शॉट से होती है, जो दर्शकों को कहानी की दुनिया में सीधे ले जाने का प्रयास करता है।
ऑस्कर की राह पर ‘गोंधल’
99वें अकादमी पुरस्कारों की सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी में भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के तौर पर ‘गोंधल’ का चयन फिल्म के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके अलावा, फिल्म पर अन्य श्रेणियों में भी विचार किया जा रहा है।
ग्लोबल ट्रेलर रिलीज होने के साथ ही फिल्म की दृश्यात्मक शैली, मनोवैज्ञानिक रहस्य और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि चर्चा के केंद्र में हैं। अब 13 नवंबर को होने वाली वैश्विक रिलीज पर नजरें टिकी हैं, जब सात भाषाओं में यह फिल्म भारतीय संस्कृति और क्षेत्रीय सिनेमा की कहानी अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाएगी।
