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आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का शानदार प्रदर्शन, दूसरी तिमाही में PAT 196.5% बढ़कर ₹1,045 करोड़
मुंबई, अक्टूबर 2026: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के अनऑडिटेड वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। बैंक का टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) सालाना आधार पर 196.5% बढ़कर ₹1,045 करोड़ हो गया। यह लगातार दूसरी तिमाही है, जब बैंक का PAT ₹1,000 करोड़ के पार रहा है।
डिपॉजिट में 25.9% की बढ़ोतरी
बैंक के कुल डिपॉजिट में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। दूसरी तिमाही में कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 25.9% बढ़कर ₹3,48,583 करोड़ हो गया। पिछली तिमाही की तुलना में इसमें 11.8% की वृद्धि हुई।
औसत CASA रेशियो 48.4% रहा। बैंक के मुताबिक, पिछली तिमाही के 50.1% के मुकाबले इसमें मामूली गिरावट मुख्य रूप से FCNR(B) डिपॉजिट में हुई बड़ी बढ़ोतरी की वजह से रही।
लोन और एडवांस में 30.1% की वृद्धि
क्रेडिट सब्स्टीट्यूट्स और FCNR(B) डिपॉजिट के बदले दिए गए लोन सहित बैंक का कुल लोन और एडवांस सालाना आधार पर 30.1% बढ़कर ₹3,46,913 करोड़ हो गया।
FCNR(B) डिपॉजिट के बदले दिए गए लोन को हटाने और IBPC को शामिल करने पर लोन ग्रोथ 22.2% रही।
ऑपरेटिंग लेवरेज में सुधार
लगातार दूसरी तिमाही में बैंक के खर्चों की वृद्धि उसकी आय की वृद्धि से करीब 500 बेसिस पॉइंट कम रही। इससे बैंक के ऑपरेटिंग लेवरेज में सुधार हुआ।
ट्रेडिंग से होने वाले मुनाफे को हटाने पर मुख्य कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के 70.73% से घटकर दूसरी तिमाही में 70.16% हो गया।
वहीं, ट्रेडिंग मुनाफे को छोड़कर मुख्य ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालाना आधार पर 38.5% बढ़कर ₹2,527 करोड़ रहा।
एसेट क्वालिटी रही स्थिर
बैंक की एसेट क्वालिटी भी स्थिर बनी रही। दूसरी तिमाही में ग्रॉस NPA 1.32% और नेट NPA 0.40% रहा। औसत एसेट्स के मुकाबले क्रेडिट कॉस्ट घटकर 1.01% रह गई।
₹34,390 करोड़ के FCNR(B) डिपॉजिट जुटाए
वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में बैंक ने ₹34,390 करोड़ (करीब 3.6 अरब डॉलर) के FCNR(B) डिपॉजिट जुटाए। खास बात यह है कि बैंक की भारत के बाहर कोई शाखा, सब्सिडियरी या प्रतिनिधि कार्यालय नहीं है। बैंक के अनुसार, यह उसकी डिजिटल क्षमताओं और ग्राहकों के भरोसे को दर्शाता है।
इनमें से अधिकांश डिपॉजिट 3 से 5 साल की अवधि के हैं। इससे बैंक को आने वाले वर्षों में लंबी अवधि की स्थिर लिक्विडिटी मिलने की उम्मीद है।
बैंक के मुताबिक, PSL से मिलने वाले लाभ को शामिल करने पर FCNR(B) डिपॉजिट जुटाने की कुल लागत घरेलू फिक्स्ड डिपॉजिट की लागत से करीब 1% कम है। इन डिपॉजिट से बैंक की NII, PAT, EPS और ROE को फायदा होने की उम्मीद है। हालांकि, FCNR(B) डिपॉजिट के बदले IBU शाखा से लोन दिए जाने के कारण बैंक की बैलेंस शीट में ₹24,885 करोड़ की बढ़ोतरी हुई, जिससे NIM का आंकड़ा प्रभावित हुआ।
S&P से पहली बार BBB- रेटिंग
बैंक को पहली बार S&P Global Ratings से लंबी अवधि की ‘BBB-’ रेटिंग मिली है, जिसे निवेश योग्य श्रेणी की रेटिंग माना जाता है।
बैंक के MD और CEO वी. वैद्यनाथन ने कहा कि वित्त वर्ष 27 की पहली और दूसरी दोनों तिमाहियों में PAT ₹1,000 करोड़ से अधिक रहा है। उन्होंने मजबूत ऑपरेटिंग लेवरेज, घटते कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो और करीब 1% ROA को बैंक के प्रदर्शन की महत्वपूर्ण उपलब्धियां बताया।
उन्होंने कहा कि ₹34,000 करोड़ से अधिक के FCNR(B) डिपॉजिट जुटाना बैंक के लिए बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इससे 3 से 5 साल की स्थिर लिक्विडिटी मिलती है। उनके मुताबिक, मौजूदा प्रदर्शन के आधार पर बैंक आने वाली तिमाहियों में भी इस रफ्तार को बनाए रखने की उम्मीद कर रहा है।
