- Hindi News
- संपादकीय
- भारत-अमेरिका संबंध
भारत-अमेरिका संबंध
अमेरिका कई क्षेत्रों में भारत के साथ अपने रिश्ते मजबूत कर रहा है। भारत के साथ संबंधों को गहरा करना अमेरिकी विदेश नीति के सबसे महत्वपूर्ण तत्वों में से एक है। भारत और अमेरिका के व्यापक साझा हित हैं। अमेरिका उस क्षेत्र को खतरनाक मानता है जहां चीन आगे बढ़ रहा है। बुधवार को इंडो-पैसिफिक लैंड फोर्सेज कमांडर जनरल चार्ल्स फ्लिन ने कहा कि चीन की आधुनिक मिसाइलों का मुकाबला करने के उपायों का पता लगाने में अमेरिकी बलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। अमेरिका निकट भविष्य में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मध्यम दूरी की मिसाइलें तैनात करने पर विचार कर रहा है।
भारत और अमेरिका खास तौर पर इंडो-पैसिफिक में महाद्वीपीय, समुद्र और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में संवेदनशील जानकारी साझा करने के साथ ही इंटेलिजेंस सेक्टर में आपसी सहयोग सशक्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों के बीच मज़बूत होती भागीदारी ने खुफिया मामलों में आपसी सहयोग की संभावनाओं के ऐसे द्वारा खोलने का काम किया है जिनके बारे में दो दशक पहले सोचना भी मुमकिन नहीं था। जिस प्रकार से क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सुरक्षा को लेकर माहौल में बदलाव आ रहा है, उसके मद्देनज़र अमेरिका और भारत की खुफिया एजेंसियों के बीच सशक्त सहयोग बेहद ज़रूरी हो गया है।
समुद्री क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न प्रकार की जानकारियां आज के दौर में क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए ख़ासी महत्वपूर्ण हो गई हैं। यही वजह है कि खुफिया जानकारी साझा करने का महत्व भी बहुत बढ़ गया है। इंडो-पैसिफिक में रणनीतिक सफलता हासिल करने के लिए समुद्री मार्गों की सुरक्षा, समुद्री लुटेरों का मुक़ाबला करना और प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना बेहद अहम हो जाता है।
