मुंद्रा पोर्ट और एसईजेड में डेडिकेटेड एम्प्टी कंटेनर यार्ड शुरू करेगा एपीएसईजेड

अहमदाबाद, सितंबर 2026। अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) मुंद्रा पोर्ट और स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (एसईजेड) में डेडिकेटेड एम्प्टी कंटेनर यार्ड (ईसीवाई) शुरू करने जा रहा है। कंपनी के मुताबिक, इस सुविधा का उद्देश्य कंटेनर इकोसिस्टम की दक्षता बढ़ाना और भारत की इंपोर्ट-एक्सपोर्ट सप्लाई चेन को अधिक सुचारू बनाना है।

वित्त वर्ष 2026 तक भारतीय कंटेनर बाजार में एपीएसईजेड की हिस्सेदारी 45.5% बताई गई है। अकेले मुंद्रा पोर्ट देश के करीब 35% कंटेनर ट्रेड को संभालता है और यह भारत के प्रमुख कंटेनर हैंडलिंग पोर्ट्स में शामिल है। मुंद्रा में हर साल करीब 1.6 मिलियन टीईयू एम्प्टी कंटेनर्स को संभाला जाता है।

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कंपनी के Ambition 2031 रोडमैप के तहत कंटेनर हैंडलिंग क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर निवेश किया जा रहा है। एपीएसईजेड अगले पांच वर्षों में 6 मिलियन टीईयू से ज्यादा अतिरिक्त कंटेनर हैंडलिंग क्षमता जोड़ने की योजना बना रहा है। इसी योजना के तहत मुंद्रा में इंटीग्रेटेड वेयरहाउसिंग के साथ डेडिकेटेड एम्प्टी कंटेनर यार्ड विकसित किया जा रहा है।

एक ही जगह मिलेंगी कई सुविधाएं

प्रस्तावित ईसीवाई में एम्प्टी कंटेनर्स के पूरे लाइफसाइकिल से जुड़ी एंड-टू-एंड सेवाएं उपलब्ध होंगी। इनमें कंटेनर स्टोरेज, मेंटेनेंस, इंस्पेक्शन और एक्सपोर्टर्स व कंटेनर फ्रेट स्टेशनों (सीएफएस) तक कंटेनर्स की आवाजाही जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।

एपीएसईजेड के पूर्णकालिक निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अश्वनी गुप्ता ने कहा, “मुंद्रा में एपीएसईजेड और उसके पार्टनर्स, जिनमें सीएफएस और शिपिंग लाइन्स शामिल हैं, द्वारा संचालित डेडिकेटेड एम्प्टी कंटेनर यार्ड से कंटेनर इकोसिस्टम की एफिशिएंसी बढ़ेगी। इससे टर्नअराउंड टाइम कम होगा, कंटेनर्स की गैर-जरूरी आवाजाही घटेगी और लॉजिस्टिक्स लागत को ऑप्टिमाइज करने में मदद मिलेगी।”

उन्होंने कहा कि ट्रेड-एनेबलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना भारत की आर्थिक प्रगति और विकसित भारत के विजन को समर्थन देने की कंपनी की प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कस्टम्स और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के बीच बेहतर समन्वय

कंपनी के अनुसार, यह पहल सरकार के अधिक कुशल और टेक्नोलॉजी-आधारित लॉजिस्टिक्स सिस्टम विकसित करने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाने के प्रयासों के अनुरूप है।

मुंद्रा पोर्ट एसईजेड के भीतर एम्प्टी कंटेनर ऑपरेशंस को लाने से कस्टम्स अथॉरिटीज, शिपिंग लाइन्स, टर्मिनल ऑपरेटर्स और ट्रांसपोर्टर्स के बीच बेहतर समन्वय में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे कंटेनर्स की अनावश्यक आवाजाही कम होने के साथ लॉजिस्टिक्स प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित किया जा सकेगा।

653 मिलियन टन सालाना कार्गो क्षमता

एपीएसईजेड अदाणी समूह का हिस्सा है और कार्गो ओरिजिनेशन से लेकर पोर्ट हैंडलिंग, रेल ट्रांसपोर्ट, मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क्स, वेयरहाउसिंग और रोड ट्रांसपोर्ट तक इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स सेवाएं उपलब्ध कराता है।

कंपनी के पास भारत के पश्चिमी, दक्षिणी और पूर्वी तटों पर स्थित 16 पोर्ट्स और टर्मिनल्स का नेटवर्क है। इसके अलावा कंपनी 12 मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क्स, 31 लाख वर्ग फुट वेयरहाउसिंग क्षमता और 25,000 से ज्यादा ट्रक्स की इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स क्षमता संचालित करती है। एपीएसईजेड ऑस्ट्रेलिया, कोलंबो, इजरायल और तंजानिया में चार इंटरनेशनल पोर्ट्स भी संचालित करता है।

कंपनी के मुताबिक, वर्तमान में उसकी कुल कार्गो हैंडलिंग क्षमता 653 मिलियन टन प्रति वर्ष है और वह भारत के कुल पोर्ट वॉल्यूम का करीब 27% संभालती है। एपीएसईजेड का लक्ष्य 2030 तक 1 बिलियन टन थ्रूपुट हासिल करना है।

2025 एसएंडपी ग्लोबल कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट में एपीएसईजेड को दुनिया की टॉप 5% ट्रांसपोर्टेशन और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में शामिल किया गया था। कंपनी के पांच पोर्ट्स वर्ल्ड बैंक के कंटेनर पोर्ट परफॉर्मेंस इंडेक्स 2024 में भी शामिल रहे हैं।

नोट: कंपनी की ओर से जारी प्रेस रिलीज में दिए गए कुछ बयान भविष्य को लेकर अनुमान और अपेक्षाओं पर आधारित हैं। वास्तविक परिणाम विभिन्न जोखिमों और परिस्थितियों के कारण इन अनुमानों से अलग हो सकते हैं।

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