महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब

देश-विदेश से पहुंचे भक्त, दर्शन के लिए लगी लंबी कतारें

वाराणसी : महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर धार्मिक नगरी काशी पूरी तरह शिवमय हो उठी है। रविवार को बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भोर में मंगला आरती के बाद से ही विश्वनाथ धाम में भक्तों की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई, जो देर रात तक जारी रही। मंदिर परिसर और आसपास की सड़कों पर दर्शन के लिए लंबी-लंबी कतारें देखी गईं, वहीं हर ओर ‘हर हर महादेव’ के जयघोष गूंजते रहे।

महाशिवरात्रि के अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का भव्य पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया गया। मंदिर न्यास की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन मिल सके।

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62 मंदिरों से पहुंचे पावन उपहार

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि इस वर्ष महाशिवरात्रि पर एक विशेष आध्यात्मिक पहल की शुरुआत की गई है। इसके तहत देश-विदेश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों, शक्तिपीठों, सिद्धपीठों और प्राचीन तीर्थस्थलों से बाबा विश्वनाथ के श्रीचरणों में पावन प्रसाद और पूजित सामग्री अर्पित की गई है।

अब तक भारत सहित कुल 62 मंदिरों से पावन भेंट काशी पहुंच चुकी है। इनमें तमिलनाडु के श्री रत्नगिरिस्वरर मंदिर, श्री अनंत पद्मनाभ स्वामी मंदिर, तेन सबनायकर मंदिर (कोविलूर), मथुरा का श्रीकृष्ण जन्मस्थान, जम्मू-कश्मीर का श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड, उत्तराखंड का श्री केदारनाथ धाम, गुजरात का द्वारकाधीश मंदिर, राजस्थान का नाथद्वारा मंदिर, मुंबई का लालबागचा राजा एवं सिद्धिविनायक मंदिर शामिल हैं।

विदेशों से भी श्रद्धा की अनुपम मिसाल देखने को मिली है। मलेशिया के श्री महा मरिअम्मन मंदिर और श्रीलंका के श्री ऐश्वर्या लक्ष्मी मंदिर (कोलंबो) से भी पवित्र जल, पूजित वस्त्र, रज, चंदन, पुष्पमालाएं और अन्य श्रद्धा उपहार अर्पित किए गए हैं।

छह द्वारों से हो रहे दर्शन, सुगम झांकी व्यवस्था

श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए मंदिर न्यास द्वारा छह द्वारों से दर्शन की व्यवस्था की गई है। भीड़ नियंत्रण के लिए सुगम झांकी दर्शन प्रणाली लागू की गई है। विश्व भूषण मिश्र ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि लंबी प्रतीक्षा को देखते हुए खाली पेट दर्शन के लिए न आएं।

सुरक्षा और यातायात व्यवस्था चाक-चौबंद

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर वाराणसी आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित और सुव्यवस्थित दर्शन अनुभव उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पूरे शहर को 4 जोन, 13 सेक्टर और 30 सब-सेक्टरों में विभाजित किया गया है।

संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, सुदृढ़ बैरिकेडिंग, नियंत्रित प्रवेश-निकास व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरों से सतत निगरानी की जा रही है। कंट्रोल रूम से पूरे क्षेत्र की मॉनिटरिंग की जा रही है। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई है। हेल्प डेस्क और सूचना केंद्रों को भी सक्रिय रखा गया है।

महाशिवरात्रि पर काशी की यह दिव्य और भव्य छवि श्रद्धा, आस्था और प्रशासनिक व्यवस्था के बेहतर समन्वय का जीवंत उदाहरण बन गई है।

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