Prayagraj News: रिश्वत लेने के आरोप में उरुवा के खंड शिक्षा अधिकारी निलंबित, कई शिक्षकों ने लगाए गंभीर आरोप

प्रयागराज। उरुवा विकास खंड के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) राजेश यादव को रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा निदेशालय प्रयागराज के अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) कामता राम पाल ने यह कार्रवाई शिक्षकों की ओर से शपथ पत्र के माध्यम से की गई शिकायतों और उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर की है।

शिकायतों में राजेश यादव पर स्कूलों को दी गई ग्रांट से पैसे वसूलने, वेतन और इन्क्रीमेंट रोकने की धमकी देने और भ्रष्टाचार में लिप्त रहने के गंभीर आरोप लगाए गए थे।

शिकायतों का सिलसिला और आरोपों का ब्योरा

27 मार्च 2025: प्राथमिक विद्यालय मिश्रपुर के प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार पाल, उच्च प्राथमिक विद्यालय जेरा के प्रभारी प्रधानाध्यापक रवि शंकर और

20 मार्च: कुंवर पट्टी विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक चन्द्र प्रकाश ने एफिडेविट देकर बीईओ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।

इन शिक्षकों का आरोप था कि मरम्मत व साफ-सफाई के लिए मिली 25 से 50 हजार रुपये की ग्रांट में से बीईओ ने पांच-पांच हजार रुपये रिश्वत के तौर पर लिए और ग्रांट की शेष राशि के लिए धमकाया।

प्राथमिक विद्यालय पकरी के प्रधानाध्यापक राधा कृष्ण सिंह ने 18 लाख रुपये के भवन निर्माण के बजट में से 20 हजार रुपये की रिश्वत लेने और इसके बावजूद वेतनवृद्धि रोकने का आरोप लगाया। इसके अलावा समहन प्रथम के प्रभारी प्रधानाध्यापक सुधाकर द्विवेदी और नीबी विद्यालय के प्रभारी रविशंकर द्विवेदी ने क्रमशः 5 मई और 29 अप्रैल को शपथ पत्र देकर बीईओ के भ्रष्टाचार की शिकायत की।

शिक्षा निदेशालय ने 3 अप्रैल को बीईओ राजेश यादव से स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन उन्होंने 12 अप्रैल को केवल साक्ष्य मांगने के लिए पत्र भेजा। इसके बाद शिकायतकर्ताओं से साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा गया।

5 मई को रवि शंकर ने रसोइया मालती और शकुंतला की मौजूदगी में बीईओ द्वारा 5 हजार रुपये रिश्वत लेने और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। प्रदीप कुमार पाल ने बताया कि उन्होंने 17 जनवरी को सहायक अध्यापक आशीष कुमार संतोषी के समक्ष 5 हजार रुपये दिए थे। इसके बाद बीईओ ने पांच वर्षों के आय-व्यय विवरण के बदले 50 हजार रुपये की मांग की।

चन्द्र प्रकाश ने बताया कि 12 नवंबर को विद्यालय निरीक्षण के दौरान प्रबंध समिति के अध्यक्ष की उपस्थिति में बीईओ ने रिकॉर्ड जांचने के बाद 5 हजार रुपये की मांग की थी।

शिकायतों के आधार पर निदेशालय ने 8 मई को बीईओ को पंजीकृत डाक से नोटिस भेजकर एक सप्ताह में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया, लेकिन उन्होंने अब तक जवाब नहीं दिया।

इसे गंभीरता से लेते हुए बीईओ राजेश यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की संस्तुति की गई है। जांच के लिए परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी को जांच अधिकारी नामित किया गया है। निलंबन अवधि में राजेश यादव मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) कार्यालय से संबद्ध रहेंगे।

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