Prayagraj News: भक्ति, आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम - मंगल पांडेय

प्रयागराज। महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, भक्ति और भारतीय संस्कृति का अद्वितीय संगम है। यह विचार बिहार सरकार के स्वास्थ्य और कृषि मंत्री मंगल पांडेय ने माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर त्रिवेणी संगम में सपत्नी स्नान के बाद व्यक्त किए।

मंगल पांडेय मंगलवार शाम अपनी पत्नी के साथ प्रयागराज पहुंचे और बुधवार सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संगम तट पर गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र जल में आस्था की डुबकी लगाई। महाकुंभ के पुण्यकाल में स्नान का सौभाग्य प्राप्त होने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की और इसे सनातन संस्कृति की दिव्यता और श्रद्धा का प्रतीक बताया।

मंत्री ने कहा, "गंगे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति। नर्मदे सिन्धु कावेरि जलेऽस्मिन्सन्निधिं कुरु॥" यह श्लोक महाकुंभ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को दर्शाता है। करोड़ों श्रद्धालु यहां आत्मशुद्धि और मोक्ष की कामना लेकर आते हैं। महाकुंभ न केवल धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपराओं और भक्ति का महोत्सव भी है।

माघी पूर्णिमा के अवसर पर संगम में स्नान करते हुए मंत्री ने महाकुंभ की पवित्रता और इसकी ऐतिहासिक महत्ता को सराहा और इस आयोजन को सनातन धर्म का अद्वितीय पर्व बताया।

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