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महाकुंभ में भगदड़ के बाद स्थिति सामान्य, सीएम योगी ने श्रद्धालुओं से की अपील
महाकुंभ नगर, 29 जनवरी। महाकुंभ में देर रात भगदड़ जैसी स्थिति बनने के बाद अब संगम तट पर माहौल सामान्य हो चुका है। सरकार ने श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने और अपने नजदीकी घाटों पर ही स्नान करने की अपील की है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा,
सरकार द्वारा जारी बयान में कहा गया कि संगम के सभी घाटों पर स्नान शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
महाकुम्भ-2025, प्रयागराज आए प्रिय श्रद्धालुओं,
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 29, 2025
माँ गंगा के जिस घाट के आप समीप हैं, वहीं स्नान करें, संगम नोज की ओर जाने का प्रयास न करें।
आप सभी प्रशासन के निर्देशों का अनुपालन करें, व्यवस्था बनाने में सहयोग करें।
संगम के सभी घाटों पर शांतिपूर्वक स्नान हो रहा है। किसी भी अफवाह…
अमृत स्नान रद्द, अखाड़ों का निर्णय
मौनी अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और भगदड़ की स्थिति को देखते हुए अखाड़ों ने "अमृत स्नान" फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने कहा,
"भीड़ को देखते हुए अखाड़ों ने अमृत स्नान फिलहाल निरस्त कर दिया है। अगर अखाड़े स्नान के लिए निकलते, तो स्थिति और बिगड़ सकती थी। आगे की रणनीति के अनुसार निर्णय लिया जाएगा, और अगर हालात सामान्य हुए तो शाम तक अमृत स्नान हो सकता है।"
महानिर्वाणी और अटल अखाड़ा स्नान से लौटे
मौनी अमावस्या के अमृत स्नान की परंपरा के अनुसार, सबसे पहले महानिर्वाणी अखाड़ा स्नान करता है। इस बार भीड़ को देखते हुए अखाड़ों के स्नान का समय एक घंटा पहले कर दिया गया था।
पहले महानिर्वाणी और अटल अखाड़ा को सुबह 6:15 बजे संगम तट पर स्नान करना था, लेकिन समय बदलकर सुबह 5:40 बजे घाट खाली करने का निर्देश दिया गया।
दोनों अखाड़े अमृत स्नान के लिए निकले थे, लेकिन मेला प्रशासन के अनुरोध पर छावनी वापस लौट गए।
महामंडलेश्वर और देवता जो आगे निकल चुके थे, उन्हें प्रशासन की सुरक्षा में स्नान कराया जाएगा।
