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शिक्षा जगत को योगी सरकार की बड़ी सौगात, 30 प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शिक्षकों, शिक्षामित्रों और शिक्षा से जुड़े कार्मिकों को बड़ी राहत देते हुए शिक्षा जगत के लिए ऐतिहासिक कैशलेस मेडिकल बीमा योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत पात्र लाभार्थियों को सालाना पांच लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिल सकेगा।
किन्हें मिलेगा कैशलेस इलाज
सरकार के निर्णय के अनुसार, बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के साथ-साथ रसोइयों और अन्य कार्मिकों को भी कैशलेस मेडिकल बीमा का लाभ मिलेगा।
अशासकीय सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षक भी योजना में शामिल होंगे।
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों के शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक, अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का स्टाफ तथा पीएम पोषण योजना के रसोइये—सभी को सपरिवार कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी।
इस फैसले से बेसिक शिक्षा के कुल 11,95,391 शिक्षक व कर्मचारी और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 2,97,589 कर्मी लाभान्वित होंगे।
सीएम फैलो को राहत
कैबिनेट ने सीएम फैलो को भी बड़ी राहत दी है। राज्य लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के तहत होने वाली भर्तियों में उन्हें आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट और अनुभव के आधार पर भारांक दिया जाएगा।
जिलों के लिए विकास परियोजनाएं
बरेली और मुरादाबाद विकास प्राधिकरणों को विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला निर्माण की जिम्मेदारी दी गई।
गोरखपुर में ₹721 करोड़ और वाराणसी के 18 वार्डों में ₹266 करोड़ की सीवरेज परियोजनाओं को वित्तीय मंजूरी मिली।
लखनऊ–हरदोई सीमा पर प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क के लिए ₹458 करोड़ से अधिक की जलापूर्ति योजना पास की गई।
मानवीय व प्रशासनिक फैसले
पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से आए विस्थापित हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वास हेतु भूमि और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था को मंजूरी।
उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा और सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) की नियमावली में संशोधन के प्रस्तावों को भी हरी झंडी।
कुल मिलाकर, योगी कैबिनेट के इन फैसलों से शिक्षा जगत को बड़ा संबल मिला है, वहीं प्रदेश के विकास और प्रशासनिक सुधारों को भी नई गति मिली है।
