लखनऊ अग्निकांड : मातम, चीखें और बेबसी के बीच मदद की गुहार, हर आंख हुई नम

लखनऊ। राजधानी के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को शोक में डुबो दिया। व्यावसायिक इमारत में लगी आग के दौरान अंदर फंसे लोगों को बचाने की जद्दोजहद और बाहर खड़े परिजनों की बेबसी ने हर किसी को भावुक कर दिया। घटनास्थल पर रोते-बिलखते परिजनों की चीखें और मदद की पुकारें लंबे समय तक गूंजती रहीं।

दिल दहला देने वाले थे मंजर

आग लगने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। कई माता-पिता अपने बच्चों के फोन कॉल मिलने के बाद बदहवास हालत में वहां पहुंचे और पुलिसकर्मियों तथा राहतकर्मियों से अपने बच्चों को बचाने की गुहार लगाते रहे। एक महिला बार-बार अपने बेटे तक पहुंचने की अनुमति मांगते हुए रोती रही, लेकिन सुरक्षा कारणों से उसे अंदर नहीं जाने दिया जा सका।

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग तेजी से फैलने के कारण कई लोग बाहर निकलने में सफल नहीं हो सके। कुछ छात्रों ने साहस दिखाते हुए केबल और तारों के सहारे नीचे उतरकर अपनी जान बचाई, जबकि कई अन्य धुएं और आग की चपेट में आ गए।

आखिरी फोन कॉल ने बढ़ाया दर्द

घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि कई परिजनों को उनके बच्चों के फोन आए थे, जिनमें उन्होंने मदद की गुहार लगाई थी। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि एक पिता अपने बेटे का फोन मिलने के बाद दौड़कर पहुंचे, लेकिन आग की भयावहता के सामने वह असहाय नजर आए।

इसी तरह गेमिंग जोन में कार्यरत एक युवक ने अपने मित्र को फोन कर बताया कि वह इमारत की ऊपरी मंजिल पर फंसा हुआ है। इसके बाद संपर्क टूट गया और बाद में उसके बारे में दुखद सूचना मिली।

छात्रों को बचाने के लिए आगे आए स्थानीय लोग

आग की सूचना मिलते ही आसपास के लोग भी मदद के लिए आगे आए। कई लोगों ने इमारत के शीशे तोड़ने की कोशिश की ताकि धुआं बाहर निकल सके और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकलने का रास्ता मिल सके।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक छात्र आग से बचने के प्रयास में ऊपरी मंजिल से नीचे कूद गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और इलाज के लिए अस्पताल भेजा।

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सेना के जवान ने भी संभाला मोर्चा

घटनास्थल के पास से गुजर रहे सेना के जवान लांस नायक छवि राम भी राहत एवं बचाव कार्य में शामिल हो गए। उन्होंने अधिकारियों के साथ मिलकर फंसे लोगों को निकालने और राहत कार्य को गति देने में सहयोग किया।

दमकलकर्मियों की मदद को आगे आए नागरिक

आग बुझाने में जुटे दमकलकर्मियों की सहायता के लिए आसपास के लोग पानी की बोतलें और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराते रहे। बचाव दल ने पड़ोसी इमारतों के माध्यम से वैकल्पिक रास्ते बनाकर अंदर पहुंचने का प्रयास किया और कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

यह हादसा केवल एक अग्निकांड नहीं, बल्कि कई परिवारों के सपनों, उम्मीदों और भविष्य पर लगा गहरा आघात बन गया। पूरे शहर में शोक का माहौल है और लोग मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

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