लखनऊ में एजुकेट गर्ल्स का 18वां स्थापना दिवस, बालिका शिक्षा पर जोर

लखनऊ। Educate Girls ने 25 मार्च 2026 को अपना 18वां स्थापना दिवस मनाते हुए बालिका शिक्षा के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर किए जा रहे कार्यों और साझेदारियों के प्रभाव को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम में 300 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें स्वयंसेवक, सरकारी अधिकारी और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल रहे।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि राज्य में बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” सहित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 के बाद शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार हुए हैं और ड्रॉपआउट दर में लगातार कमी आई है।

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माध्यमिक शिक्षा विभाग के अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक विष्णु कांत पांडेय ने बताया कि सामुदायिक भागीदारी के जरिए लगभग 23 जिलों में स्कूल से बाहर बालिकाओं को पुनः शिक्षा से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि एजुकेट गर्ल्स के सहयोग से यह अभियान और प्रभावी हुआ है।

संस्था की सीईओ गायत्री नायर लोबो ने कहा कि संगठन ने जमीनी स्तर से शुरुआत कर राष्ट्रीय स्तर पर परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है। उन्होंने 2025 के रेमन मैग्सेसे पुरस्कार का श्रेय स्वयंसेवकों और फील्ड टीमों को देते हुए कहा कि यह उनके सामूहिक प्रयासों की पहचान है।

कार्यक्रम में स्वयंसेवकों और छात्राओं की प्रेरणादायक कहानियाँ भी साझा की गईं। इनमें बदायूं की सोनम, सोनभद्र की प्रांचल गुप्ता और निर्मला यादव जैसे उदाहरण शामिल रहे, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा को अपनाकर दूसरों के लिए मिसाल पेश की।

संस्था के अनुसार, देशभर में हजारों स्वयंसेवक घर-घर जाकर बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने, ड्रॉपआउट कम करने और सामाजिक बाधाओं को दूर करने का काम कर रहे हैं। यह पहल बालिका शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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