बेसिक स्कूलों की मर्जर योजना पर शिक्षक संघ का तीखा विरोध, बोले – सरकार शिक्षा को बना रही व्यापार

Ballia News : उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालयों के विलय (मर्जर) की योजना का अब शिक्षक संगठनों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री सुशील कुमार पाण्डेय 'कान्हजी' ने रविवार को बड़ा बयान देते हुए सरकार की नीयत पर सवाल उठाए।

कान्हजी ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में ग्रामीण और गरीब तबके के बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन सरकार इन विद्यालयों को निवेश का जरिया मान रही है। उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा, "यह कोई व्यापारिक उद्योग नहीं है जिसे घाटे में चलते ही बंद कर दिया जाए।"

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उन्होंने आरोप लगाया कि यह योजना गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित करने की साजिश है। अगर सरकारी स्कूल बंद हो जाएंगे तो गरीबों के बच्चे कहां पढ़ेंगे? यह योजना शिक्षा के अधिकार अधिनियम का खुला उल्लंघन है।

प्रांतीय महामंत्री ने आशंका जताई कि सरकार पहले चरण में प्रदेश के 50% स्कूलों को बंद करेगी और धीरे-धीरे यह संख्या 100% तक पहुंच सकती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि शिक्षक इस योजना का हर स्तर पर विरोध करेंगे और जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी किया जाएगा।

उन्होंने दो टूक कहा – "यह सिर्फ स्कूलों का मर्जर नहीं, बल्कि पूरे बेसिक शिक्षा तंत्र को समाप्त करने की साजिश है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"

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