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20 मई को दवा व्यापार बंदी की तैयारी तेज, ई-फार्मेसी के विरोध में उतरे केमिस्
बलिया : ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर 20 मई को प्रस्तावित देशव्यापी दवा व्यापार बंदी को सफल बनाने के लिए बलिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन (बीसीडीए) ने बैठक कर रणनीति तैयार की। बैठक में निर्णय लिया गया कि 17 मई को संगठन के पदाधिकारी जिले की सभी तहसीलों में संपर्क अभियान चलाकर बंदी को सफल बनाने के लिए समर्थन जुटाएंगे।
उन्होंने आमजन और मरीजों से अपील की कि मानवता को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दवाएं एक दिन पहले ही खरीद लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बीसीडीए पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार की कुछ नीतियों के कारण छोटे और मध्यम स्तर के दवा कारोबारियों का अस्तित्व संकट में पड़ गया है। संगठन ने मांग की है कि ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से नियंत्रण लगाया जाए तथा 28 अगस्त 2018 की अधिसूचना जीएसआर 817 (ई) और 26 मार्च 2020 की अधिसूचना जीएसआर 220 (ई) को वापस लिया जाए।
महामंत्री बब्बन यादव ने कहा कि ई-फार्मेसी की अनियंत्रित वृद्धि केवल व्यापार के लिए ही नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बनती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की बिक्री बढ़ रही है, जिससे एंटीबायोटिक दवाओं का दुरुपयोग हो रहा है और एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि नशीली और आदत डालने वाली दवाओं की उपलब्धता आसान हो गई है तथा फार्मासिस्ट और मरीज के बीच प्रत्यक्ष संवाद समाप्त होता जा रहा है।
बीसीडीए के अनुसार देशभर में लगभग 12.40 लाख केमिस्ट और उनसे जुड़े 4 से 5 करोड़ लोगों की आजीविका इस मुद्दे से प्रभावित हो रही है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
