बलिया में 27 मृतकों के नाम पर मिला पीएम आवास, 250 अपात्रों के भुगतान पर डीएम सख्त; बोले—होगी रिकवरी

बलिया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय निगरानी समिति की बैठक जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में सामने आई गंभीर अनियमितताओं पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी।

जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के सभी विकासखंडों में कुल 623 प्रधानमंत्री आवास बनाए जाने का लक्ष्य निर्धारित था, लेकिन अब तक कई आवास अधूरे हैं। इनमें विकासखंड गड़वार में 62, सोहांव में 08, रेवती में 08 और चिलकहर में 04 आवास अब तक पूर्ण नहीं हो सके हैं। इस पर डीएम ने गहरी नाराजगी जताते हुए संबंधित खंड विकास अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।

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समीक्षा के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि वर्ष 2016 से 2024 के बीच 250 अपात्र व्यक्तियों को बिना सत्यापन प्रधानमंत्री आवास योजना की धनराशि का भुगतान कर दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों के हस्ताक्षर से यह भुगतान हुआ है, उनके वेतन से रिकवरी की जाए।

बैठक में यह तथ्य भी सामने आया कि 27 आवास मृतक व्यक्तियों के नाम पर आवंटित कर दिए गए हैं। इसके अलावा 80 आवास जमीनी विवाद के कारण लंबित हैं, जबकि 31 आवास न्यायालय में विचाराधीन हैं। इस पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का तत्काल निस्तारण कराया जाए और 623 आवासों का दोबारा सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कॉन्वर्जेंस की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन लाभार्थियों के शौचालय, विद्युत कनेक्शन और उज्ज्वला योजना के कार्य पूर्ण हो चुके हैं, उनका डाटा तत्काल अपडेट किया जाए। साथ ही मनरेगा योजना के तहत आवास लाभार्थियों को दी जा रही मजदूरी की स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

आवास प्लस सर्वे की प्रगति पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन व्यक्तियों को सर्वे में पात्र या अपात्र घोषित किया गया है, उसकी जानकारी प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रधान के माध्यम से खुली बैठक में सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाई जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि किन कारणों से किसी व्यक्ति का नाम आवास सूची से हटाया गया है, ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज, जिला विकास अधिकारी आनंद प्रकाश, सभी खंड विकास अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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