- Hindi News
- उत्तर प्रदेश
- बलिया
- “अपना दीपक स्वयं बनें” : युवा दिवस पर बलिया में पुरातन छात्र उत्प्रेरक सम्मान समारोह व व्याख्यान का
“अपना दीपक स्वयं बनें” : युवा दिवस पर बलिया में पुरातन छात्र उत्प्रेरक सम्मान समारोह व व्याख्यान का आयोजन
बलिया। आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद जयंती (राष्ट्रीय युवा दिवस) के अवसर पर “विश्व गुरु भारत का दृष्टिकोण एवं स्वामी विवेकानंद के विचारों की प्रासंगिकता” विषयक व्याख्यान एवं पुरातन छात्र उत्प्रेरक सम्मान समारोह का आयोजन महाविद्यालय के बहुउद्देशीय कक्ष में किया गया।
पुरातन छात्र प्रतिनिधि अनीश कुमार ने विषय प्रवर्तन करते हुए स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और विचारों पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता डॉ. अजय कुमार चौबे ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के अनुसार समस्त शक्तियां मानव के भीतर निहित हैं; हम स्वयं ही अपनी आंखों पर हाथ रखकर अंधकार का रोना रोते हैं। उन्होंने विश्व धर्म सम्मेलन का उल्लेख करते हुए स्वामीजी के विचारों की आज की प्रासंगिकता पर जोर दिया।
प्रबंध समिति सदस्य अखिलेश राय ने स्वामी विवेकानंद के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उनके अमर वाक्य— “उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए”—को आत्मसात करने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि प्रो. निवेदिता श्रीवास्तव ने कहा कि स्वामीजी मानते थे—अनुभव ही हमारा सच्चा शिक्षक है; कोई हमें पढ़ा या आध्यात्मिक नहीं बना सकता, यह यात्रा भीतर से शुरू होती है। इसलिए “अपना दीपक स्वयं बनें”।
सम्मान समारोह में पुरातन छात्र प्रतिनिधि अनीश कुमार, निधि गुप्ता, धर्मेंद्र कुमार सिंह, अमृता सिंह, रूपेश सिंह सहित सभी पुरातन छात्र-छात्राओं को अंगवस्त्र, महाविद्यालयी पत्रिका एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर आयोजित त्रिदिवसीय प्रतियोगिताओं—खो-खो, लंबी कूद, लंबी दौड़, वॉलीबॉल एवं निबंध—के प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। साथ ही वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
इस अवसर पर आईक्यूएसी समन्वयक अंजनी कुमार मिश्र सहित सत्येंद्र कुमार पाण्डेय, डॉ. शिल्पी श्रीवास्तव, सुश्री नेहा सिंह, संध्या सिंह, प्रवीन पथिक, अभिषेक पाण्डेय, डॉ. भारती वर्मा, राजेंद्र पाठक, डॉ. कमलेश रवि, डॉ. हंसराज यादव, ददन पासवान, सुनीता कश्यप, रंजीत गुप्ता, कनीज फातिमा, बुशरा फातिमा, जागृति विश्वकर्मा, अजेय तिवारी, सूबेदार भीम सिंह, अशोक कुमार पाण्डेय, अमितेश कुमार यादव, विकास सिंह सहित शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
धन्यवाद ज्ञापन सैन्य विज्ञान के सहायक आचार्य डॉ. अशोक कुमार गुप्त ने किया, जबकि संचालन सहायक आचार्य अंजनी मिश्र एवं डॉ. सुमन ने किया।
