बलिया का जितेंद्र हत्याकांड: हत्या के बाद घर में दफनाने की कोशिश, धर्मेंद्र को उम्रकैद

बलिया। उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत की गई प्रभावी पैरवी का परिणाम सामने आया है। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की सशक्त कार्रवाई के बाद विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) रामकृपाल की अदालत ने जितेंद्र हत्याकांड में दोषी धर्मेंद्र गुप्ता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जिसे न चुकाने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

अभियोजन के अनुसार, यह घटना 30 मई 2021 को कोतवाली क्षेत्र के जलालपुर नई बस्ती में हुई थी। मामले के वादी ओमप्रकाश ने थाने में दर्ज रिपोर्ट में बताया था कि अभियुक्त का उसके घर आना-जाना था, जिस पर उसका भाई जितेंद्र नाराज रहता था। जितेंद्र का कहना था कि नई बस्ती के मल्लाह परिवार के घर बार-बार आना उचित नहीं है, क्योंकि घर में महिलाएं हैं। इसी बात को लेकर अभियुक्त धर्मेंद्र गुप्ता नाराज हो गया।

यह भी पढ़े - टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में बलिया में प्राथमिक शिक्षक संघ का प्रदर्शन आज

आरोप है कि धर्मेंद्र ने जितेंद्र को बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया और गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को अपने घर में ही गड्ढा खोदकर दफनाने का प्रयास किया। वादी के मौके पर पहुंचने पर जितेंद्र का शव पड़ा मिला, जिसके सिर पर गंभीर चोट के निशान थे।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विनोद कुमार भारद्वाज तथा बचाव पक्ष की ओर से योगेंद्र सिंह (न्याय मित्र) ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने धर्मेंद्र गुप्ता को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

खबरें और भी हैं

Copyright (c) Parakh Khabar All Rights Reserved.