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बलिया : दोषी चिकित्सकों की गिरफ्तारी न होने पर युवक ने कलेक्ट्रेट में किया आत्मदाह का प्रयास
Ballia News: दोषी चिकित्सकों की गिरफ्तारी न होने से नाराज युवक ने कलेक्ट्रेट में आत्मदाह का प्रयास किया, जिसे पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए रोक लिया। यह मामला अपूर्वा नर्सिंग होम में पथरी के ऑपरेशन के दौरान अनीषा की मौत से जुड़ा है।
इसके बावजूद शिवांशु राय पुलिस की निगरानी को चकमा देकर परिसर में पहुंच गए और अपने शरीर पर तेल डालना शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों की नजर पड़ते ही उन्हें तत्काल रोक लिया गया और हिरासत में लेकर कोतवाली भेज दिया गया।
शिवांशु राय ने आरोप लगाया कि पुलिस हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है, जबकि वे खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने डॉक्टर ज्योत्स्ना सिंह, डॉ. अपूर्वा सिंह, डॉ. रोहन गुप्ता और विनोद को हत्या का आरोपी बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस को आरोपित डॉक्टरों के घर नोटिस चस्पा करनी चाहिए, लेकिन इसके बजाय उनके घर नोटिस चिपकाई जा रही है।
घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।
सीओ सिटी मोहम्मद उस्मान ने बताया कि 22 मार्च को कोतवाली क्षेत्र स्थित अपूर्वा नर्सिंग होम में इलाज के दौरान एक महिला की मृत्यु हो गई थी। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर चिकित्सकों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
उन्होंने बताया कि मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) बलिया द्वारा गठित जांच टीम ने जांच पूरी कर 14 अप्रैल को विवेचक को रिपोर्ट उपलब्ध कराई थी, जिसके आधार पर विवेचनात्मक कार्रवाई की जा रही है।
सीओ ने बताया कि मृतका के पति द्वारा आत्मदाह की धमकी दिए जाने के बाद एसडीएम सदर द्वारा युवक के विरुद्ध नोटिस जारी की गई थी। पुलिस अधिकारियों ने उसके घर जाकर परिजनों को भी स्थिति से अवगत कराया था। इसके बावजूद युवक ने आत्मदाह का प्रयास किया, जिस पर उसे हिरासत में लेकर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
गौरतलब है कि 22 मार्च को देवकली निवासी अनीषा (24) पत्नी शिवांशु राय पथरी के इलाज के लिए अपूर्वा हॉस्पिटल पहुंची थीं, जहां ऑपरेशन के दौरान उनकी मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था।
पांच चिकित्सकों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अब तक गिरफ्तारी न होने पर छात्र संगठनों और स्थानीय लोगों ने कैंडल मार्च, प्रदर्शन, भिक्षाटन और बूट पॉलिश जैसे विरोध कार्यक्रम चलाकर कार्रवाई की मांग की थी।
