- Hindi News
- उत्तर प्रदेश
- बलिया
- Ballia News : अविनाश प्रजापति की मौत पर CMO का बयान, कहा- ट्रॉमा सेंटर में चार डॉक्टरों ने किया था प...
Ballia News : अविनाश प्रजापति की मौत पर CMO का बयान, कहा- ट्रॉमा सेंटर में चार डॉक्टरों ने किया था परीक्षण
बलिया। सड़क दुर्घटना में घायल युवक अविनाश कुमार प्रजापति की मौत के बाद जिला अस्पताल में इलाज में लापरवाही के आरोपों के बीच मुख्य चिकित्साधिकारी ने घटनाक्रम को लेकर विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है। सीएमओ के अनुसार, चिकित्सकों की अनुपस्थिति और मरीज को बिना देखे लौटाने के आरोप तथ्यहीन हैं।
सीसीटीवी फुटेज के हवाले से सीएमओ ने बताया कि अविनाश कुमार को सुबह 8:09 बजे ई-रिक्शा के माध्यम से जिला चिकित्सालय परिसर में लाया गया था। फुटेज के अनुसार सुबह 8:16 बजे इमरजेंसी में तैनात चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार सिंह किसी व्यक्ति के बुलाने पर ट्रॉमा सेंटर की ओर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
डॉ. संतोष कुमार सिंह ने अपने लिखित बयान में बताया कि उन्होंने ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर मरीज का परीक्षण किया और मृत होने की पुष्टि करते हुए ट्रॉमा सेंटर पर तैनात डॉ. मनोज कुमार को आगे की कार्रवाई करने के लिए कहा।
वहीं, डॉ. मनोज कुमार के लिखित बयान के अनुसार वह पूरी रात ड्यूटी पर कार्यरत थे और उस समय तक उनके रिलीवर डॉ. रजनीश भी पहुंच चुके थे। दोनों चिकित्सकों ने मरीज का परीक्षण किया था। इसी दौरान ऑन-कॉल सर्जन डॉ. अनिल सिंह ने भी मरीज को देखा। कुछ देर बाद डॉ. संतोष कुमार सिंह भी ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए थे।
सीएमओ के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में डॉ. मनोज कुमार सुबह लगभग 8:30 बजे तक ट्रॉमा सेंटर में मौजूद दिखाई दे रहे हैं। बाद में वह इमरजेंसी से बाहर जाते हुए कैमरे में कैद हुए हैं।
डॉ. मनोज कुमार ने अपने बयान में यह भी उल्लेख किया है कि ट्रॉमा सेंटर में तोड़फोड़ की घटना हुई, जिसमें उन्हें चोटें भी आईं।
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया था कि अविनाश कुमार को पहले इमरजेंसी में लाया गया था, जहां बिना परीक्षण किए उन्हें ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया। हालांकि, मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज में मरीज के इमरजेंसी में आने की पुष्टि नहीं होती है।
सीएमओ ने स्पष्ट किया कि घायल युवक का परीक्षण जिला चिकित्सालय में ड्यूटी पर मौजूद चार चिकित्सकों द्वारा किया गया था और चिकित्सकों के अनुपस्थित होने संबंधी आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने कहा कि मामले से संबंधित सभी तथ्यों का परीक्षण सीसीटीवी फुटेज और चिकित्सकों के लिखित बयानों के आधार पर किया गया है।
