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एसएईएल ने दुनिया के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी पार्क में 1 जीडब्ल्यूपी सोलर प्रोजेक्ट किया शुरू, कुल परिचालन क्षमता 2 जीडब्ल्यूपी के पार
- गुजरात के खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क में 3,600 एकड़ क्षेत्र में फैली परियोजनाएँ
- गुजरात ऊर्जा विकास निगम के साथ 25 वर्षों का पॉवर परचेज एग्रीमेंट, दीर्घकालिक राजस्व स्थिरता सुनिश्चित
चंडीगढ़, जनवरी 2026 : वर्टिकली इंटीग्रेटेड रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी एसएईएल इंडस्ट्रीज लिमिटेड (एसएईएल) ने गुजरात के खावड़ा स्थित दुनिया के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी पार्क में 1 जीडब्ल्यूपी (800 मेगावाट) क्षमता का सोलर पॉवर प्लांट सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। यह परियोजना एसएईएल की सहायक कंपनियों एसएईएल सोलर पी4 प्राइवेट लिमिटेड और एसएईएल सोलर पी5 प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से स्थापित की गई है, जिनकी क्षमता 500 एमडब्ल्यूपी (400 मेगावाट) प्रत्येक है।
एसएईएल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के सीईओ एवं एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री लक्षित आवला ने कहा कि खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस दूरदर्शी सोच का प्रतीक है, जिसका उद्देश्य भारत को वैश्विक रिन्यूएबल एनर्जी हब बनाना है। उन्होंने कहा कि गुजरात की चुनौतीपूर्ण भूमि को बड़े पैमाने पर स्वच्छ ऊर्जा केंद्र में बदलना न केवल हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाएगा, बल्कि जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करेगा, हरित रोजगार सृजित करेगा और 2030 तक भारत के गैर-जीवाश्म ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने में सहायक होगा। उन्होंने आगे कहा कि गुजरात में 1 जीडब्ल्यूपी सोलर पॉवर प्लांट के संचालन के साथ एसएईएल इस राष्ट्रीय लक्ष्य का हिस्सा बनकर गौरवान्वित महसूस कर रहा है और अपनी तकनीकी क्षमताओं के माध्यम से भारत की सोलर महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत की पश्चिमी सीमा के समीप लगभग 3,600 एकड़ में फैली ये परियोजनाएँ खारी मिट्टी और मानसून के दौरान जलभराव जैसी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच एसएईएल की मजबूत इंजीनियरिंग और परियोजना क्रियान्वयन क्षमता को दर्शाती हैं।
एसएईएल सोलर पी4 प्राइवेट लिमिटेड और एसएईएल सोलर पी5 प्राइवेट लिमिटेड के संचालन से भारत की रिन्यूएबल एनर्जी वैल्यू चेन में एसएईएल की मौजूदगी और मजबूत हुई है। उल्लेखनीय है कि नवंबर 2025 में यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (येइडा) ने एसएईएल को 200 एकड़ भूमि आवंटित की थी, जहां 5 गीगावाट सोलर सेल और 5 गीगावाट सोलर मॉड्यूल की एकीकृत मैन्युफैक्चरिंग इकाई स्थापित की जाएगी। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और सोलर आयात पर निर्भरता में कमी आएगी।
