शादी के बंधन में बंधे.. कुख्यात गैंगस्टर और लेडी डॉन को लगा झटका.

नई दिल्ली : शादी करते ही गैंगस्टर ​​संदीप उर्फ ​​काला जठेड़ी को एक बड़ा झटका लगा है। वह आज यानि 13 मार्च को अपने घर में नहीं जा पाएगा। दिल्ली की द्वारका कोर्ट ने गृह प्रवेश के लिए काला जठेड़ी की कस्टडी पैरोल रद्द कर दी है। मंगलवार को ही काला जठेड़ी की शादी अनुराधा चौधरी से हुई थी। अदालत ने मंगलवार को काला जठेड़ी को सोनीपत में उसके गांव जठेड़ी में 13 मार्च को होने वाले गृह प्रवेश के लिए कस्टडी पैरोल देने का अपना आदेश वापस ले लिया। काला जठेड़ी और लेडी डॉन अनुराधा चौधरी उर्फ मैडम मिंज कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच मंगलवार को दिल्ली के संतोष गार्डन बैंक्वेट हॉल में विवाह के बंधन में बंधे थे।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव जठेड़ी गृह प्रवेश समारोह 13 मार्च को सुबह करीब 11 बजे तय किया गया था, जहां दूल्हा और दुल्हन अपने वैवाहिक घर में गृह प्रवेश करने वाले थे। काला जठेड़ी ने अपनी शादी के लिए मानवीय आधार पर कस्टडी पैरोल की मांग की थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) दीपक वासन ने मंगलवार को अपने पहले के आदेश को वापस ले लिया और मामले को 16 मार्च को फिर से सुनवाई के लिए अधिसूचित किया। दिल्ली पुलिस की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने 4 मार्च का अपना आदेश वापस ले लिया।

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सरकारी वकील की ओर से कहा गया कि 14 मार्च को किसान आंदोलन और हरियाणा के मुख्यमंत्री पद से मनोहर लाल खट्टर के इस्तीफे के कारण गंभीर सुरक्षा खतरा है और सिक्योरिटी स्टाफ की कमी है। अदालत ने काला जठेड़ी के भाई द्वारा लिखे गए एक पत्र को भी जठेड़ी और उसके परिवार के लिए खतरा माना। अदालत में सुनवाई के दौरान एसीपी सोनीपत, एसएचओ राय हरियाणा और दिल्ली पुलिस की थर्ड बटालियन के एसीपी मौजूद रहे। अदालत ने 4 मार्च को गैंगस्टर संदीप उर्फ ​​​​काला जठेड़ी को अपनी शादी के लिए 6 घंटे की कस्टडी पैरोल दी थी। उसे 12 मार्च को अपनी शादी के लिए 6 घंटे और 13 मार्च को गृह प्रवेश के लिए 2 घंटे की कस्टडी पैरोल दी गई थी। कथित तौर पर संगठित अपराध सिंडिकेट चलाने के लिए मकोका सहित कई जघन्य मामलों में वह हिरासत में है। कोर्ट ने अधिकारियों को 12 मार्च को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच काला जठेड़ी को शादी के लिए हिरासत में लेने का निर्देश दिया था और दिल्ली पुलिस को सुरक्षा की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था।

उसे 13 मार्च को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच गृह प्रवेश समारोह के लिए जठेड़ी गांव ले जाने का भी निर्देश दिया गया था। काला जठेड़ी ने वकील रोहित दलाल के माध्यम से द्वारका साउथ पुलिस स्टेशन में धारा 307, 387,120बी और शस्त्र अधिनियम के तहत दर्ज मामले में एक आवेदन दायर किया गया था। आवेदन में विवाह के अधिकार को अनुच्छेद 21 के तहत एक संवैधानिक अधिकार घोषित किया गया था। आवेदक या आरोपी और उसके मंगेतर दोनों हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के अनुसार वयस्क हैं। आगे कहा गया कि आवेदक/अभियुक्त को शादी से इनकार करने से पूर्वाग्रह पैदा होगा और भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन होगा।

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