आईएसबी ने प्रोफेसर मदन पिल्लुतला को लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए डीन नियुक्त किया

मोहाली। इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) के कार्यकारी बोर्ड ने प्रोफेसर मदन पिल्लुतला को अगले पांच वर्षों के लिए लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए डीन नियुक्त करने की घोषणा की है। यह निर्णय संस्थान के विकास और वैश्विक प्रभाव को आगे बढ़ाने में उनके नेतृत्व और दूरदर्शी सोच पर बोर्ड के भरोसे को दर्शाता है। इसी वर्ष आईएसबी अपनी स्थापना की 25वीं वर्षगांठ भी मना रहा है।

अपने पहले कार्यकाल के दौरान प्रोफेसर पिल्लुतला ने कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक और रणनीतिक पहलों का नेतृत्व किया। उनके नेतृत्व में पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन मैनेजमेंट फॉर यंग लीडर्स (PGP YL), आई-वेंचर इमर्सिव (IVI) और आईएसबी डिस्कवर जैसे कार्यक्रम शुरू किए गए। साथ ही संस्थान के प्रमुख पीजीपी पाठ्यक्रम को बदलती कारोबारी जरूरतों के अनुरूप नया स्वरूप दिया गया।

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वैश्विक रैंकिंग में भी आईएसबी ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। फाइनेंशियल टाइम्स ग्लोबल एमबीए रैंकिंग 2026 में आईएसबी का पीजीपी कार्यक्रम दुनिया में 12वें स्थान पर रहा, जबकि लिंक्डइन टॉप एमबीए प्रोग्राम्स 2025 में संस्थान को पांचवां स्थान मिला।

प्रोफेसर पिल्लुतला के कार्यकाल में आईएसबी ने छात्रवृत्ति सहायता का विस्तार किया, उद्योग और वैश्विक साझेदारों के साथ संबंध मजबूत किए तथा रिसर्च, फैकल्टी विकास और संस्थागत विस्तार के लिए परोपकारी सहयोग को भी बढ़ावा दिया।

आईएसबी के कार्यकारी बोर्ड के चेयरमैन हरीश मनवानी ने कहा कि प्रोफेसर पिल्लुतला के नेतृत्व में संस्थान ने अकादमिक उत्कृष्टता, रिसर्च, वैश्विक साझेदारियों और छात्र अनुभव के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में आईएसबी आने वाले वर्षों में भी नई ऊंचाइयों को हासिल करेगा।

अपने पुनर्नियुक्ति पर प्रोफेसर मदन पिल्लुतला ने कहा कि आईएसबी का नेतृत्व जारी रखना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने बोर्ड, फैकल्टी, छात्रों, एलुमनाई और सभी साझेदारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान जिम्मेदार नेतृत्वकर्ताओं का निर्माण, उपयोगी ज्ञान का सृजन और भारत के भविष्य के निर्माण में अपनी भूमिका को और मजबूत करेगा।

गौरतलब है कि प्रोफेसर मदन पिल्लुतला संस्थान की स्थापना के समय से ही आईएसबी से जुड़े रहे हैं। डीन बनने से पहले वह लंदन बिजनेस स्कूल में ऑर्गेनाइजेशनल बिहेवियर के प्रोफेसर के रूप में कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।

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