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प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंप दी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर 25 जुलाई 2026 को धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। इसके बाद प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया।
पहले से संभाल रहे हैं दो मंत्रालय
प्रह्लाद जोशी वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे हैं। अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं।
कौन हैं प्रह्लाद जोशी?
प्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुरा में हुआ था। छात्र जीवन से ही वे सामाजिक गतिविधियों और जनहित के मुद्दों से जुड़े रहे। उन्होंने संगठनात्मक राजनीति के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी में अपनी पहचान बनाई।
ऐसा रहा राजनीतिक सफर
प्रह्लाद जोशी ने वर्ष 1995 में सक्रिय राजनीति की शुरुआत की। वर्ष 1995 से 1998 तक वे धारवाड़ भाजपा के जिलाध्यक्ष रहे, जबकि 1998 से 2003 तक जिला महासचिव के रूप में कार्य किया। इसके बाद उन्होंने धारवाड़ लोकसभा सीट से पहली बार चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया। तब से वे लगातार पांच बार धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
कब बने केंद्रीय मंत्री?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में 30 मई 2019 को प्रह्लाद जोशी पहली बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हुए। उन्हें संसदीय कार्य मंत्री बनाया गया और बाद में कोयला मंत्रालय की जिम्मेदारी भी मिली। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में उन्हें उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का दायित्व सौंपा गया। अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के साथ उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।
