हिमाचल में चेरी की खरीद शुरू करेगा अदाणी एग्री फ्रेश, किसानों को मिलेगा बड़ा बाजार

हिमाचल प्रदेश, मई 2026: अदाणी इंटरप्राइजेज लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी अदाणी एग्री फ्रेश लिमिटेड (एएएफएल) ने स्टोन फ्रूट श्रेणी में प्रवेश करने की घोषणा की है। कंपनी अब हिमाचल प्रदेश में चेरी की खरीद शुरू करेगी। इसके साथ ही भविष्य में आड़ू, प्लम समेत अन्य स्टोन फ्रूट्स में भी विस्तार की योजना है।

कंपनी का कहना है कि इस पहल से किसानों को बेहतर बाजार, उपज का उचित मूल्य और फलों के भंडारण की आधुनिक सुविधा मिल सकेगी।

आधुनिक स्टोरेज से मिलेगा फायदा

एएएफएल ने हिमाचल प्रदेश में मौजूद अपनी कंट्रोल्ड एटमॉस्फियर स्टोरेज सुविधाओं को चेरी के भंडारण और वितरण के अनुरूप आधुनिक बनाया है। कंपनी के पास प्रदेश में छह स्थानों पर स्टोरेज नेटवर्क उपलब्ध है।

फ्रूट होराइजन 2026 कार्यक्रम में बोलते हुए कंपनी के प्रतिनिधि मनीष अग्रवाल ने कहा,

“हम आगामी सीजन से चेरी की खरीद शुरू करेंगे और धीरे-धीरे अन्य स्टोन फ्रूट्स में भी विस्तार करेंगे। यह किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की हमारी निरंतर कोशिश का हिस्सा है।”

20 वर्षों में 17 हजार किसानों से खरीदे 3 लाख मीट्रिक टन सेब

अदाणी एग्री फ्रेश हिमाचल प्रदेश में संगठित तरीके से सेब खरीद, भंडारण और मार्केटिंग करने वाली शुरुआती कंपनियों में शामिल रही है। कंपनी ने वर्ष 2006 में ‘फार्म-पिक’ ब्रांड के तहत काम शुरू किया था।

कंपनी के अनुसार अब तक वह 17,000 से अधिक किसानों से 3 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा सेब खरीद चुकी है और किसानों को सीधे लगभग 1,500 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

हिमाचल प्रदेश में कंपनी ने 25,000 मीट्रिक टन की स्टोरेज क्षमता विकसित की है, जिससे फलों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद मिल रही है।

डिजिटल मंडी से किसानों को सुविधा

एएएफएल किसानों के लिए डिजिटल मंडी प्लेटफॉर्म का भी विस्तार कर रही है। इस सुविधा के जरिए किसान बिना खरीद केंद्र पहुंचे ही अपनी उपज बेच सकेंगे।

कंपनी गुणवत्ता आधारित ग्रेडिंग और सॉर्टिंग सिस्टम अपनाती है, जिससे किसानों को पारदर्शी तरीके से उपज का मूल्य मिल सके और पारंपरिक मंडियों पर निर्भरता कम हो।

700 गांवों तक पहुंच

कंपनी का खरीद नेटवर्क हिमाचल प्रदेश के 700 गांवों में फैले 17,000 से अधिक किसानों तक पहुंच चुका है, जिनमें 90 प्रतिशत से अधिक छोटे और सीमांत किसान हैं।

एएएफएल का वितरण नेटवर्क देशभर में 76 थोक विक्रेताओं और करीब 1,500 रिटेलर्स तक फैला हुआ है। कंपनी भारतीय फलों के साथ-साथ सेब, नाशपाती, कीवी, संतरा और अंगूर जैसे फलों का आयात भी करती है।

कंपनी अदाणी फाउंडेशन के साथ मिलकर बागवानी क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में भी कार्य कर रही है।

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