“मैं चाहती हूँ कि दर्शक कुंती को सिर्फ पौराणिक किरदार नहीं, बल्कि एक महिला और माँ के रूप में भी देखें”: तोरल रसपुत्रा

मुंबई। सोनी सब का भव्य पौराणिक शो ‘हस्तिनापुर के वीर’ महाभारत के पांडवों और कौरवों के अनकहे शुरुआती वर्षों को दर्शकों के सामने ला रहा है। रिश्तों, संघर्षों और महत्वाकांक्षाओं से भरी इस कहानी के केंद्र में हैं कुंती, जिनकी भूमिका अभिनेत्री तोरल रसपुत्रा निभा रही हैं। अपने मजबूत और प्रभावशाली किरदारों के लिए पहचानी जाने वाली तोरल इस बार एक ऐसी महिला का किरदार निभा रही हैं, जिनके निर्णय, त्याग और धैर्य ने इतिहास की दिशा तय की।

कुंती के किरदार को लेकर बात करते हुए तोरल ने कहा कि इस भूमिका को निभाना उनके लिए उत्साह और जिम्मेदारी दोनों का अनुभव था। उनके अनुसार कुंती भारतीय पौराणिक कथाओं के सबसे जटिल और सम्मानित पात्रों में से एक हैं, जिनकी भावनात्मक यात्रा को पर्दे पर उतारना एक चुनौती होने के साथ-साथ बेहद संतोषजनक अनुभव भी है।

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“कुंती की ताकत उनकी बुद्धि और धैर्य में है”

तोरल ने बताया कि उन्होंने पहले भी कई मजबूत महिला किरदार निभाए हैं, लेकिन कुंती की शक्ति अलग प्रकार की है। वह केवल पांडवों की माता नहीं, बल्कि बुद्धिमत्ता, त्याग, धैर्य और नैतिक मूल्यों की प्रतीक हैं। उनका जीवन कर्तव्य और भावनाओं के बीच संतुलन की एक मिसाल है।

उन्होंने कहा कि तैयारी के दौरान उन्होंने कुंती के जीवन और उनके आंतरिक संघर्षों को गहराई से समझने का प्रयास किया। लगातार अध्ययन और निर्देशक तथा क्रिएटिव टीम के साथ चर्चा के माध्यम से उन्होंने इस किरदार की भावनात्मक परतों को समझा।

“कुंती की कमजोरियों ने मुझे उनसे जोड़ दिया”

तोरल के अनुसार, तैयारी के दौरान उन्हें सबसे अधिक यह बात प्रभावित करती है कि कुंती भी एक आम इंसान की तरह भय, संदेह और कठिन परिस्थितियों का सामना करती हैं। यही मानवीय पक्ष उन्हें दर्शकों के लिए और अधिक करीब और वास्तविक बनाता है।

उन्होंने कहा कि इस शो में दर्शक कुंती के उस रूप को देख पाएंगे, जो केवल एक माँ तक सीमित नहीं है, बल्कि एक कुशल मार्गदर्शक, रणनीतिक सोच रखने वाली महिला और अपने परिवार के लिए हर त्याग करने वाली व्यक्तित्व के रूप में सामने आएगी।

युवा कलाकारों के साथ बनाई खास बॉन्डिंग

पांडवों की भूमिका निभाने वाले युवा कलाकारों के साथ अपनी केमिस्ट्री को लेकर तोरल ने बताया कि शूटिंग शुरू होने से पहले सभी ने कार्यशालाओं में हिस्सा लिया और अपने किरदारों के रिश्तों को समझने के लिए लंबी चर्चा की। इसी तैयारी ने पर्दे पर उनके रिश्तों को स्वाभाविक बनाने में मदद की।

उन्होंने यह भी बताया कि भले ही स्क्रीन पर हस्तिनापुर की दुनिया गंभीर और भव्य दिखाई देती है, लेकिन कैमरे के पीछे का माहौल बेहद खुशमिजाज, सहयोगपूर्ण और सकारात्मक रहता है।

आने वाले एपिसोड्स में दिखेगी कुंती की सबसे बड़ी परीक्षा

तोरल ने संकेत दिया कि आने वाले एपिसोड्स में दर्शकों को कुंती की भावनात्मक और प्रेरणादायक यात्रा देखने को मिलेगी। कई ऐसी परिस्थितियां सामने आएंगी, जहां उनकी बुद्धिमत्ता, धैर्य और मातृत्व की परीक्षा होगी।

उन्होंने कहा, “मैं चाहती हूँ कि दर्शक कुंती को सिर्फ एक पौराणिक किरदार के रूप में नहीं, बल्कि एक महिला, एक माँ और एक इंसान के रूप में भी देखें, जिनके फैसलों ने इतिहास को आकार दिया।”

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