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Hastinapur Ke Veer: पांडवों के आगमन से बदलेगी हस्तिनापुर की दिशा, बढ़ेगा कौरवों के साथ टकराव
मुंबई। सोनी सब का पौराणिक शो ‘हस्तिनापुर के वीर’ महाभारत की कम चर्चित कहानियों को नए दृष्टिकोण के साथ दर्शकों के सामने प्रस्तुत कर रहा है। शो में अब कहानी एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच रही है, जहां हस्तिनापुर में पांडवों की बढ़ती लोकप्रियता और जनता का विश्वास राजमहल के समीकरणों को बदलने लगा है।
बेकाबू हाथी की घटना से बढ़ेगा रहस्य
कहानी में एक भव्य मेले के दौरान उस समय हड़कंप मच जाता है, जब एक हाथी अचानक बेकाबू होकर लोगों के बीच दौड़ पड़ता है। इस संकट की घड़ी में भीम अपनी वीरता का परिचय देते हुए हाथी को रोकते हैं, जबकि माता कुंती और अन्य पांडव एक मां और उसके बच्चे को सुरक्षित बचाने में मदद करते हैं।
लेकिन इस घटना के पीछे कोई गहरा रहस्य छिपा होने का संदेह भीम को होता है। वह सच्चाई की तलाश शुरू करते हैं और ऐसे सुरागों तक पहुंचते हैं, जो पांडवों और कौरवों के बीच बढ़ती दुश्मनी को और तीव्र कर सकते हैं।
कुंती के किरदार को लेकर बोलीं तोरल रसपुत्रा
शो में कुंती की भूमिका निभा रहीं अभिनेत्री तोरल रसपुत्रा ने कहा कि कुंती हस्तिनापुर इस उम्मीद के साथ आती हैं कि उनके पुत्रों को परिवार और राज्य में उनका उचित स्थान मिलेगा। लेकिन जैसे-जैसे पांडव अपनी योग्यता से लोगों का सम्मान अर्जित करते हैं, उनके खिलाफ ईर्ष्या और असुरक्षा का भाव भी जन्म लेने लगता है।
उन्होंने कहा कि यह कहानी दिखाती है कि छोटी-छोटी गलतफहमियां और मन की असुरक्षाएं किस तरह बड़े संघर्ष का रूप ले लेती हैं। कुंती के लिए सबसे कठिन चुनौती केवल अपने पुत्रों को बाहरी शत्रुओं से बचाना नहीं, बल्कि परिवार के भीतर टूटते रिश्तों को संभालना भी है।
जानिए कब और कहां देखें शो
पांडव और कौरवों के बीच शुरू हो रही इस ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता की नई कहानी देखने के लिए ‘हस्तिनापुर के वीर’ को हर सोमवार से शनिवार रात 9 बजे केवल सोनी सब पर देखा जा सकता है। :::
