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Ballia News: बाढ़ से निपटने की तैयारी तेज, पांच तहसीलों में प्रशासन ने किया मॉक ड्रिल
बलिया। नदियों के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह के निर्देश पर गुरुवार को जनपद के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल (मूक अभ्यास) आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य बाढ़ जैसी आपात परिस्थितियों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को परखना और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था।
बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों का किया गया अभ्यास
मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़ में डूब रहे लोगों को बचाने, पानी से घिरे गांवों से सुरक्षित निकासी, राहत शिविरों की स्थापना, फील्ड हॉस्पिटल संचालन, नाव दुर्घटना की स्थिति में खोज एवं बचाव अभियान तथा आपदा प्रबंधन की विभिन्न गतिविधियों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।
इसके साथ ही आयोजित गोष्ठियों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दवा वितरण, कीटनाशक छिड़काव, जनस्वास्थ्य सुरक्षा और पशुओं की देखभाल संबंधी आवश्यक उपायों की जानकारी भी दी गई।
इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम की हुई जांच
मॉक ड्रिल के तहत सुबह 9 बजे इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (EOC) को उजियार क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने और गांव के चारों ओर पानी भर जाने की काल्पनिक सूचना प्राप्त हुई। इसके बाद कंट्रोल रूम द्वारा तत्काल संबंधित विभागों और तहसील स्तरीय अधिकारियों को अलर्ट किया गया।
पूरे अभियान के दौरान प्रशासनिक मशीनरी की तत्परता, संचार व्यवस्था और राहत कार्यों के समन्वय का परीक्षण किया गया।
सीपीआर प्रशिक्षण और रेस्क्यू का प्रदर्शन
रेडक्रॉस सोसायटी और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने उपस्थित लोगों को सीपीआर (CPR) का प्रशिक्षण दिया। साथ ही डूबते व्यक्ति को सुरक्षित बचाने और उसे अस्पताल तक पहुंचाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया गया।
आपदा मित्र धर्मेंद्र कुमार ने नदी के बीच लगभग आधे घंटे तक पानी में तैरते रहने का प्रदर्शन किया, जिसकी मौजूद लोगों ने सराहना की।
विभागों ने साझा की अपनी तैयारियां
मॉक ड्रिल के समापन पर आयोजित समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने बाढ़ पूर्व तैयारियों की जानकारी साझा की। आपदा विशेषज्ञ पीयूष कुमार सिंह ने अभ्यास को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रेडक्रॉस सोसायटी बलिया के शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय ने सुझाव दिया कि स्थानीय स्तर पर लोगों को तैराकी का प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य संभव हो सके।
बैठक में पशुपालन, कृषि, नागरिक सुरक्षा, पुलिस, होमगार्ड, अग्निशमन, पंचायत, बाढ़ नियंत्रण, लोक निर्माण विभाग, एनसीसी और स्काउट-गाइड सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी अपने विचार रखे।
राज्य स्तर पर हुई सराहना
जनपद के सभी तहसीलों में एक साथ आयोजित इस मॉक ड्रिल में उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
जिला नियंत्रण कक्ष से पूरे अभ्यास की निगरानी की गई। जिला प्रशासन द्वारा मॉक ड्रिल में किए गए नवाचारों और प्रभावी समन्वय की उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लखनऊ ने भी सराहना की है।
