प्रयागराज माघ मेले में फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के शीर्षक का विरोध, संतों ने बैन की मांग की

प्रयागराज। अभिनेता मनोज बाजपेयी की नेटफ्लिक्स पर प्रस्तावित फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ अपने शीर्षक को लेकर विवादों में घिर गई है। फिल्म का टीज़र सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। इसी क्रम में प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में कई संतों और धर्माचार्यों ने फिल्म के नाम को आपत्तिजनक बताते हुए इसके प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की है।

माघ मेले में मौजूद सिद्धेश्वर पुरुषार्थ बालक आश्रम के अध्यक्ष स्वामी हरि नारायण समदर्शी महाराज ने कहा कि फिल्मों के माध्यम से बार-बार सनातन धर्म और ब्राह्मण समाज की छवि को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इस तरह के शीर्षक स्वीकार्य हैं, तो अन्य धर्मों या समुदायों के संदर्भ में ऐसी फिल्में क्यों नहीं बनाई जातीं। उन्होंने इसे सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाला बताते हुए सरकार से फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।

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श्रृंगवेरपुर पीठाधीश्वर जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी नारायणाचार्य शांडिल्य जी महाराज ने भी फिल्म के शीर्षक पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस प्रकार की रचनाएं समाज में विभाजन पैदा कर सकती हैं और इससे बचा जाना चाहिए।

वहीं अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम महाराज ने फिल्म पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए नेटफ्लिक्स के बहिष्कार की अपील की है। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को आहत करने वाले शीर्षकों को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

इस बीच सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला बता रहे हैं, जबकि कई अन्य इसे जातीय भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला करार दे रहे हैं। फिल्म की औपचारिक रिलीज से पहले ही बढ़ता विरोध इसे एक नए विवाद के केंद्र में ले आया है।

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