पालतू बिल्ली बनी काल : पुत्र के बाद शिक्षक पिता की मौत, मां-बेटी का चल रहा इलाज

कानपुर : जिले के अकबरपुर कस्बा अंतर्गत अशोक नगर में रहने वाले शिक्षक इम्तियाजुद्दीन की पालतू बिल्ली पर आवारा कुत्ते ने हमलाकर दिया था। इसके बाद परिवार के लोग बिल्ली का इलाज कराते रहे। इस बीच बिल्ली न सिर्फ हमलावर होने लगी, बल्कि इम्तियाज, उनके बेटे अजीम, पत्नी नौशाद अख्तर व बेटी बुशरा को पंजे मार जख्मी भी कर दी। परिवार के लोगों ने स्वास्थ्य केंद्र अकबरपुर जाकर टिटनेस का इंजेक्शन लगवाया, लेकिन कुत्ते द्वारा बिल्ली को काटने की जानकारी छिपा ली।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 21 नवंबर को अजीम एक शादी समारोह में भोपाल गये थे, जहां उनकी हालत बिगड़ गई। अजीम को डॉक्टर से दिखाया गया तो उसके शरीर में रेबीज के लक्षण पाए गए। इलाज के दौरान 24 वर्षीय अजीम की मौत हो गई। इससे परिवार में मातम से पसर गया। वहीं अजीम की मौत के महज एक सप्ताह के भीतर रेबीज के लक्षण पिता इम्तियाजउद्दीन के शरीर में भी पाए गए। इम्तियाजउद्दीन की हरकतें देखकर मोहल्ले और परिवार के लोगों में दहशत फैल गई। उन्हें डॉक्टर के पास ले जाया गया तो पता चला कि उन्हें भी रेबीज है। 28 नवंबर को शिक्षक इम्तियाजुद्दीन की भी मौत हो गई। 
 
चल रहा है मां-बेटी का इलाज
मां-बेटी का इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों की टीम ने पहुंचकर जानकारी ली। नगर पंचायत के सभासद शमीम अहमद ने मोहल्ले में सैनिटाइजेशन कराया है। स्वास्थ्य विभाग मां-बेटी की निगरानी कर रहा है। वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि जो लक्षण बताए गए हैं, वह रेबीज के ही थे।
 
रेबीज का संक्रमण खतरनाक होता है। अगर कोई भी व्यक्ति अपने घर में पालतू जानवर कुत्ता या बिल्ली पालता है, तो उसे रेबीज का इंजेक्शन लगवा लेना चाहिए, ताकि घरवालों और बच्चों को कोई दिक्कत ना हो। फिलहाल, पिता-पुत्र की मौत कैसे हुई है ? जांच के बाद ही उसका सही पता चल सकेगा।
 

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