Hapur News: एक वर्षीय मासूम ने शहीद पिता को दी मुखाग्नि, कलेक्टर समेत अधिकारी हुए भावुक

हापुड़: जम्मू-कश्मीर के डोडा में हुए भीषण सड़क हादसे में शहीद हुए हापुड़ जनपद के थाना हाफिजपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भटैल निवासी सेना के जवान रिंकल बालियान को शनिवार को उनके पैतृक गांव में नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। शहीद के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय, पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह, हापुड़ विधायक विजयपाल आढती सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी गांव पहुंचे। सभी ने पुष्प अर्पित कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया।

गौरतलब है कि डोडा में हुए इस दर्दनाक सड़क हादसे में कुल 10 जवान शहीद हुए थे, जिनमें ग्राम भटैल निवासी रिंकल बालियान भी शामिल थे। शहादत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। खराब मौसम के चलते शुक्रवार रात तक पार्थिव शरीर गांव नहीं पहुंच सका। शनिवार सुबह सेना के वाहन से जवानों द्वारा शहीद का पार्थिव शरीर गांव लाया गया।

यह भी पढ़े - बलिया में नो-मैपिंग श्रेणी के 1.42 लाख मतदाताओं पर प्रशासन की पैनी नजर

img-20260124-wa0035.jpg

जैसे ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, भारत माता की जय और शहीद अमर रहें के नारों से वातावरण गूंज उठा। इस दौरान सीओ पिलखुवा अनीता चौहान, एसडीएम सदर इला प्रकाश और थाना प्रभारी हाफिजपुर प्रवीन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने पहुंचे। हर आंख नम थी और माहौल बेहद गमगीन हो गया।

शहीद को देखते ही मां मंजू देवी और पत्नी रिंकी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। भाई ऋषभ किसी तरह मां और भाभी को संभालते नजर आए। शहीद रिंकल अपने पीछे तीन वर्षीय बेटी जसप्रीत और एक वर्षीय बेटे राघव को छोड़ गए हैं। जब एक वर्षीय मासूम बेटे ने अपने शहीद पिता को मुखाग्नि दी, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं।

जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने कहा कि शहीद रिंकल बालियान की शहादत पर पूरे जनपद को गर्व है और शासन-प्रशासन हर कदम पर परिवार के साथ खड़ा है। पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने शहीद के बलिदान को अमूल्य बताते हुए कहा कि देश उनकी कुर्बानी को कभी नहीं भुला पाएगा। विधायक विजयपाल आढती ने कहा कि रिंकल बालियान का सर्वोच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। ग्राम भटैल ने अपने लाल को नम आंखों से अंतिम विदाई दी, लेकिन उसके शौर्य और बलिदान की स्मृति सदैव अमर रहेगी।

खबरें और भी हैं

Copyright (c) Parakh Khabar All Rights Reserved.