Gonda News: प्रयागराज भगदड़ में गोंडा के दो श्रद्धालुओं की मौत, एक महिला अब भी लापता

गोंडा, 29 जनवरी: प्रयागराज महाकुंभ में मंगलवार रात हुई भगदड़ में कई श्रद्धालुओं की जान चली गई। मृतकों में गोंडा जिले के दो श्रद्धालु भी शामिल हैं। मृतकों की पहचान रुपईडीह गांव के ननकन (47) और तरबगंज के शीशौ गांव के रामनरेश (35) के रूप में हुई है। इस हादसे में ननकन के परिवार की एक महिला अभी भी लापता बताई जा रही है। घटना की खबर मिलते ही मृतकों के परिवारों में मातम छा गया है।

स्नान के दौरान भगदड़, दो की जान गई

रुपईडीह गांव के ननकन अपनी पत्नी रामादेवी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ सोमवार को प्रयागराज महाकुंभ स्नान के लिए गए थे। मंगलवार शाम, जब वे गंगा तट पर मौजूद थे, तभी अचानक भगदड़ मच गई। भीड़ के दबाव में ननकन नीचे गिर गए और कुचले जाने से गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस कर्मियों ने उन्हें एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज भिजवाया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

वहीं, शीशौ गांव के रामनरेश भी अपने गांव के अन्य लोगों के साथ गंगा स्नान के लिए गए थे। वह भी भगदड़ में फंस गए और दम घुटने से उनकी मौत हो गई।

परिवारों में कोहराम, शव लाने की तैयारी

जिला पंचायत सदस्य रामधोख मिश्र ने बताया कि रामनरेश अपनी पत्नी और गांव के करीब 15 अन्य लोगों के साथ पिकअप वाहन में महाकुंभ गए थे। हादसे के बाद गांव के अन्य लोग सुरक्षित हैं, लेकिन रामनरेश की मौके पर ही मौत हो गई। उनके शव को लाने के लिए वाहन भेजा गया है। वहीं, ननकन के परिवार में भी शोक का माहौल है, और परिजन शव के घर पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।

प्रत्यक्षदर्शी का दर्दनाक बयान: "भीड़ देख दिल घबराने लगा..." हादसे के दौरान ननकन का भतीजा भी उनके साथ था, जिसने रोते हुए फोन पर घटना का आंखों देखा हाल बताया। उसने कहा "हम परसों प्रयागराज आए थे और यहीं रुके थे। स्नान के लिए जैसे ही गंगा तट पहुंचे, वहां भीड़ बहुत ज्यादा थी। दिल घबराने लगा। अचानक लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे। मैं भी गिर गया, लेकिन मेरे चाचा छोटे कद के थे, वह दब गए।"

"डॉक्टर ने हमें बताया कि चाचा की मौत हो गई है। हमने शव घर ले जाने की बात कही, लेकिन मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। हम पहली बार प्रयागराज आए थे, हमें कुछ समझ नहीं आ रहा था।"

अब भी लापता है परिवार की एक महिला

हादसे के दौरान ननकन के परिवार की एक महिला (भाई की सास) भी लापता हो गई हैं। परिवार के अन्य लोग उन्हें खोजने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।

प्रशासन पर उठ रहे सवाल

महाकुंभ में इस भगदड़ से प्रशासन की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां नाकाम रहीं, जिससे यह हादसा हुआ। लापता श्रद्धालुओं की तलाश और मृतकों के शवों को जल्द से जल्द घर पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है।

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